पत्नी को जींस-कुर्ता पहनने से रोकना क्रूरता

मुंबई:मुंबई की एक परिवार अदालत ने कहा है कि पत्नी के कुर्ता और जींस पहनने पर आपत्ति करना और उसे साड़ी पहनने पर मजबूर करना पति द्वारा क्रूरता दिखाना है. यह तलाक मांगने का आधार हो सकता है. पत्नी का कहना था कि दिसंबर, 2010 में शादी के बाद पति ने उसके लिए एक भी […]

मुंबई:मुंबई की एक परिवार अदालत ने कहा है कि पत्नी के कुर्ता और जींस पहनने पर आपत्ति करना और उसे साड़ी पहनने पर मजबूर करना पति द्वारा क्रूरता दिखाना है. यह तलाक मांगने का आधार हो सकता है. पत्नी का कहना था कि दिसंबर, 2010 में शादी के बाद पति ने उसके लिए एक भी कपड़ा नहीं खरीदा. इसलिए उसने अपनी कमाई से कुर्ता और जींस खरीदी थी. हालांकि, उसके पति ने उन्हें पहनने की अनुमति नहीं दी. उसके पति का कहना था कि उसे सिर्फ साड़ी पहननी चाहिए.

परिवार अदालत की प्रमुख न्यायाधीश डॉ लक्ष्मी राव ने 24 जून को दिये अपने आदेश में पत्नी को विशेष विवाह अधिनियम, 1954 की धारा 27(1)(डी) के तहत क्रूरता के आधार पर तलाक दे दिया. जज ने कहा, ‘याचिका में कही गयी बातों को चुनौती नहीं दी गयी है. लिहाजा, यह कहा जा सकता है कि याचिकाकर्ता ने अपने मामले को साबित कर दिया है. इसलिए उसकी प्रार्थना के अनुसार तलाक दिया जाना चाहिए. उसका यह कहना कि उसे जींस और कुर्ता पहनने से रोका गया, यह अधिनियम के तहत परिभाषित क्रूरता के अंतर्गत आता है.’

पत्नी ने यह भी आरोप लगाया कि उसके पति और सास-ससुर ने अपने घर से एक लाख रुपये लाने या गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी थी. उन्होंने उससे अपनी नौकरी भी छोड़ने को कहा था, लेकिन उसने उनके आगे झुकने से इनकार कर दिया. पत्नी ने आरोप लगाया कि उसे यातना दी गयी और अपमानित किया गया. परिणामस्वरूप उसे मानसिक अवसाद का सामना करना पड़ा और उसका जीवन कष्टमय हो गया. उसने यह भी आरोप लगाया कि उसके सास-ससुर ने उसे किसी न किसी बहाने प्रताड़ित किया और चेतावनी दी कि अगर वह दहेज नहीं लायी, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे.

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