जालंधर में बोले नरेंद्र मोदी, हमें ऐसे रिसर्च की जरूरत जिसके पीछे पूरी दुनिया चले

जालंधर : किसी भी देश की बौद्धिक रचनात्मकता और पहचान उसके इतिहास, कला, भाषा और संस्कृति से बनती है. ऐसे में हमें विधाओं के बंधन से मुक्त होकर शोध करना होगा. अब ऐसे रिसर्च की जरूरत है जिसमें कला और Humanities, सोशल साइंस, साइंस और टेक्नोल़ॉजी के इनोवेशन का समिश्रण हो. उक्त बातें प्रधानमंत्री नरेंद्र […]

जालंधर : किसी भी देश की बौद्धिक रचनात्मकता और पहचान उसके इतिहास, कला, भाषा और संस्कृति से बनती है. ऐसे में हमें विधाओं के बंधन से मुक्त होकर शोध करना होगा. अब ऐसे रिसर्च की जरूरत है जिसमें कला और Humanities, सोशल साइंस, साइंस और टेक्नोल़ॉजी के इनोवेशन का समिश्रण हो. उक्त बातें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 106वें इंडियन साइंस कांग्रेस में कही. वे ‘फ्यूचर इंडिया: साइंस एंड टेक्नोलॉजी’ विषय पर बोल रहे थे.

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उन्होंने कहा हमें व्यावसायीकरण के लिए मजबूत रास्ते चाहिए, जो अनुसंधान और विकास को प्रोडक्ट में बदल सके. उन्होंने कहा कि उन्नत भारत बनाने के लिए आज भारत के विज्ञान को महत्वाकांक्षी बनना होगा. हमें सिर्फ प्रतिस्पर्धा नहीं करनी, हमें श्रेष्ठता दिखानी होगी. उन्होंने कहा कि आज जरूरत इस बात की है कि हम अपने रिसर्च को उस स्तर पर ले जायें कि दुनिया हमारे पीछे चले.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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