जम्मू-कश्मीर: राज्यपाल का खुलासा, विधानसभा भंग नहीं करता तो बनानी पड़ती सज्जाद लोन की सरकार

श्रीनगर : जम्मू-कश्मीर में विधानसभा भंग होने पर जारी घमासान के बीच राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने ऐसा बयान दे दिया है जिससे राजनीतिक भूचाल पैदा हो गया है. उन्होंने अपने बयान में कहा है कि केंद्र सज्जाद लोन को सूबे का मुख्‍यमंत्री बनाने की तैयारी में था. आगे मलिक ने कहा कि यदि सज्जाद लोन […]

श्रीनगर : जम्मू-कश्मीर में विधानसभा भंग होने पर जारी घमासान के बीच राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने ऐसा बयान दे दिया है जिससे राजनीतिक भूचाल पैदा हो गया है. उन्होंने अपने बयान में कहा है कि केंद्र सज्जाद लोन को सूबे का मुख्‍यमंत्री बनाने की तैयारी में था.

आगे मलिक ने कहा कि यदि सज्जाद लोन की सरकार बन गयी होती तो यह जम्मू-कश्मीर के लोगों के साथ बेईमानी होती. ऐसा होने पर मैं ईमानदार नहीं रह पाता. केंद्र को सीधे आड़े हाथ लेते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं मालूम कि अब वह कब तक राज्यपाल बने रहेंगे.

जम्मू-कश्मीर विधानसभा भंग करने पर पहली बार मलिक ने सफाई दी है. मलिक ने कहा है कि दिल्ली की ओर देखता तो लोन की सरकार बनानी पड़ती और इतिहास में मेरा नाम एक बेईमान आदमी के तौर पर जाना जाता. यही कारण है कि मैंने उस मामले को ही खत्म करना उचित समझा.

मलिक ने आगे कहा कि आज लोग मुझे गाली देते हैं, तो देते रहें…लेकिन मैंने जो किया वह सही किया… यहां चर्चा कर दें कि जम्मू-कश्मीर में पिछले दिनों सरकार बनाने के लिए नैशनल कॉन्फ्रेंस यानी एनसी, पीडीपी और कांग्रेस के बीच गठबंधन की अटकलों के बीच अचानक राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने विधानसभा भंग करने का काम किया और सबको चौंका दिया. इसके बाद से ही विपक्ष लगातार राज्यपाल पर निशाना साध रहा था.

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