क्या पेट्रोल-डीजल की कीमतें अब बढ़ेंगी? LPG को लेकर पेट्रोलियम मंत्री ने कही ये बात

पीएम मोदी की फ्यूल बचाने के लिए कोविड जैसे वर्क फ्रॉम होम उपाय अपनाने की अपील के बीच, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंगलवार को साफ किया कि देश में फिलहाल चिंताजनक कोई बात नहीं है.

केंद्रीय मंत्री पुरी ने साफ कहा कि सरकार ने पिछले चार साल से पेट्रोल-डीजल की कीमतें नहीं बढ़ाईं, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि आगे भी नहीं बढ़ेंगी. CII समिट (CII Annual Business Summit 2026) में उन्होंने कहा कि सरकार ने मुश्किल हालात को मौके में बदला है और फैसले पूरी तरह हालात के हिसाब से लिए जाते हैं.

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सप्लाई में कोई दिक्कत नहीं है. देश के पास कच्चे तेल और एलएनजी का 69 दिन, जबकि एलपीजी का 45 दिन का स्टॉक है. पीएम मोदी की बचत की अपील दरअसल पश्चिम एशिया तनाव से बढ़ रहे आर्थिक दबाव को देखते हुए सतर्क रहने का संकेत है.

एलपीजी उत्पादन बढ़ाया गया

केंद्रीय मंत्री ने भरोसा दिलाया कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है. उन्होंने बताया कि पश्चिम एशिया तनाव के बीच सरकार ने एलपीजी उत्पादन बढ़ाकर करीब 35-36 हजार टन से 54 हजार टन प्रतिदिन कर दिया है.

पीएम मोदी ने क्या की अपील?

पीएम मोदी ने रविवार (10 मई) को कहा कि सरकार लोगों को पश्चिम एशिया संकट के असर से बचाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने अपील की कि लोग ईंधन का समझदारी से इस्तेमाल करें, सोने की खरीद कुछ समय टालें और विदेश यात्राएं भी फिलहाल टाल दें, ताकि देश की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी रहे.

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प्रधानमंत्री ने हैदराबाद की रैली में लोगों को सलाह दी कि पेट्रोल-डीजल की खपत कम करें, मेट्रो का ज्यादा इस्तेमाल करें, कारपूलिंग अपनाएं और इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बढ़ें. उन्होंने कहा कि पार्सल के लिए रेलवे का इस्तेमाल करें और ‘वर्क फ्रॉम होम’ अपनाएं, ताकि विदेशी मुद्रा की बचत हो सके.

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By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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