नयी दिल्लीः भारत और उज्बेकिस्तान के बीच सोमवार को 17 समझौते हुए. पीएम मोदी और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिरजीयोयेव की मौजूदगी में सैन्य, शिक्षा सहित 17 समझौतों पर हस्ताक्षर किये गये.
इस मौके प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति और उनके डेलिगेशन का भारत में स्वागत है. भारत और उज्बेकिस्तान के बीच बहुत पुराना रिश्ता है. आज की मुलाकात में हम इस बात पर सहमत हैं कि आपस संबंधों को दोनों देशों के लोगों की उम्मीदों के हिसाब विस्तार देने का समय आ गया है. उन्होंने कहा कि हमने मौजूदा सहयोग को नये क्षेत्रों में बढ़ाने पर चर्चा की है. उज्बेकिस्तान को 200 मिलियन डॉलर का लाइन ऑफ क्रेडिट देने पर सहमति बनी है.
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पीएम मोदी ने कहा कि आपसी व्यापार बढ़ाने पर भारत-उज्बेकिस्तान के बीच बात हुई है. भारत और उजबेकिस्तान के रक्षा सहयोग बढ़ाया जा रहा है. क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए हम उज्बेकिस्तान के प्रयासों की सराहना करते हैं. प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति ने कहा कि बेहतरीन स्वागत के लिए मैं पीएम मोदी और भारत के लोगों को धन्यवाद देता हूं. हम लोगों ने आज ट्रेड बढ़ाने, राजनीतिक सहयोग बढ़ाने आदि मुद्दों पर बात की. भारत दुनिया की बड़ी शक्तियों में से है, जो वैश्विक समस्याओं को सुलझाने में योगदान दे रहा है. भारत को सुरक्षा परिषद की स्थाई सदस्यता मिलनी चाहिए.
