एयर चीफ मार्शल बी एस धनोआ ने राफेल मसले पर किया सरकार का बचाव, कहा, पहले भी होती रही है ऐसी खरीद

नयी दिल्ली : भारतीय वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल बी एस धनोआ ने 126 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के मूल प्रस्ताव के खिलाफ केवल 36 विमान खरीदने के सरकार के फैसले का बुधवार को बचाव करते हुए कहा कि पहले भी ऐसी ही ‘‘आपात’ खरीद होती रही है. एयर चीफ मार्शल ने कहा कि […]

नयी दिल्ली : भारतीय वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल बी एस धनोआ ने 126 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के मूल प्रस्ताव के खिलाफ केवल 36 विमान खरीदने के सरकार के फैसले का बुधवार को बचाव करते हुए कहा कि पहले भी ऐसी ही ‘‘आपात’ खरीद होती रही है. एयर चीफ मार्शल ने कहा कि ऐसे समय में जब भारत दो परमाणु संपन्न पड़ोसियों से सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है तो वायु सेना में लड़ाकू विमानों की बेहद कमी है.

उन्होंने कहा कि 36 राफेल विमान (दो बेड़े) खरीदने से वायुसेना को इस स्थिति से निपटने में काफी मदद मिलेगी. लड़ाकू विमानों के एक बेड़े में 16 से 18 विमान होते हैं. धनोआ ने भारतीय वायु सेना के बल की पुन: संरचना पर आयोजित एक संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा, ‘जब भी सरकार को लगता है कि रक्षा बलों की हवाई ताकत प्रतिकूल स्थिति में है तो वह अंतर सरकारी समझौते के तहत विमानों की आपात खरीद करती है.’ उन्होंने कहा, ‘इतिहास यह है कि सरकार ने पहले भी कई मौकों पर लड़ाकू विमानों को आपात स्थिति में खरीदा है.’

पूर्ववर्ती संप्रग सरकार ने राफेल की निर्माता बड़ी फ्रांसीसी कंपनी दसॉल्ट एविएशन के साथ 126 विमानों को खरीदने के सौदे पर बातचीत की थी लेकिन यह सौदा नहीं हो पाया था. उन्होंने कहा, ‘राफेल और एस-400 मिसाइलें मुहैया कराकर सरकार भारतीय वायुसेना को मजबूत कर रही है.’ सरकार रूस से एच-400 मिसाइल प्रणालियां भी खरीद रही है. मोदी सरकार ने 23 सितंबर 2016 को फ्रांस के साथ 58,000 करोड़ रुपये की लागत से 36 राफेल विमान खरीदने का सौदा किया था. विमान सितंबर 2019 से सौंपे जाएंगे. कांग्रेस इस सौदे में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगा रही है और उसने महज 36 विमान खरीदने को लेकर सरकार पर निशाना साधा जबकि वायुसेना को 126 की जरूरत है.

राफेल विमानों के केवल दो बेड़ों को खरीदने के फैसले को उचित ठहराते हुए धनोआ ने कहा कि वर्ष 1983 में पाकिस्तान को एफ-16 विमानों का पहला बेड़ा मिलने के बाद भारत ने एमआईजी 23 एमएफ विमानों के दो बेड़े खरीदे थे. उन्होंने कहा कि 1985 में फ्रांस से मिराज 2000 के दो बेड़े खरीदे गए थे और बाद में सोवियत संघ से एमआईजी 29 के दो बेड़े खरीदे गए. उन्होंने कहा, ‘यह सारी खरीद अंतर सरकारी समझौते के तहत हुई.’ वायु सेना प्रमुख ने कहा कि बल के पास लड़ाकू विमानों के मंजूर किए गए 42 बेड़ों के मुकाबले 31 बेड़े हैं. उन्होंने चीन और पाकिस्तान का जिक्र करते हुए कहा, ‘जब हमारे पास 42 बेड़े हो जाएंगे तब भी हमारे दो क्षेत्रीय दुश्मनों की संयुक्त संख्या से कम होंगे.’

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