मुंबई: महाराष्ट्र से आम आदमी पार्टी (आप) की नेता अंजलि दमानिया और प्रीति मेनन ने गुरुवार को पहले तो पार्टी से इस्तीफा दे दिया लेकिन कुछ ही घंटों बाद अपने फैसले से पलट गईं. अंजलि और प्रीति को जब आश्वस्त किया गया कि नए सिरे से एक पारदर्शी प्रदेश कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा तो उन्होंने इस्तीफे का अपना फैसला वापस ले लिया.
बुधवार शाम ‘आप’ के अपने सहकर्मियों को लिखे पत्र में अंजलि ने कहा था कि वह ‘‘आम आदमी पार्टी से अपना जुडाव’’ खत्म कर रही हैं. अंजलि ने नागपुर लोकसभा सीट से ‘आप’ के टिकट पर भाजपा नेता नितिन गडकरी के खिलाफ चुनाव लडा था पर वह हार गई थीं. सामाजिक कार्यकर्ता से नेता बनीं अंजलि ने अपने फैसले की कोई वजह नहीं बताई.
बहरहाल, ‘आप’ नेता मयंक गांधी ने आज शाम ‘पीटीआई’ को बताया कि पार्टी की प्रदेश संयोजक अंजलि और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ एक बैठक हुई जिसमें ‘‘बहुत अहम’’ प्रस्ताव पारित हुए जिसके बाद दोनों नेताओं ने अपने इस्तीफे वापस ले लिए. मयंक ने बताया कि पार्टी की प्रदेश सचिव मेनन बैठक में मौजूद नहीं थी लेकिन बैठक के नतीजे के बारे में उन्हें अवगत करा दिया गया और वह अपना इस्तीफा वापस लेने को तैयार हो गई हैं.
उन्होंने कहा, ‘‘एक नई प्रदेश कार्यकारिणी बनाई जाएगी जिसमें किसानों, दलितों, महिलाओं, युवाओं और अल्पसंख्यक समुदाय की ज्यादा भागीदारी होगी.’’मयंक ने कहा कि विभिन्न स्तरों पर संवाद की कमी और ‘आप’ की कमेटी :कार्यकारी: सदस्यों के खिलाफ शिकायतों की वजह से अंजलि ने इस्तीफा दिया था.
