बोले अकबर- डोकलाम विवाद का निपटारा दिखाता है कि यह 60 के दशक का भारत नहीं

पणजी : केंद्रीय मंत्री एम जे अकबर ने शनिवार को कहा कि डोकलाम संकट से जिस तरह से निपटा गया वह दिखाता है कि ‘‘हम अब 1960 के दशक वाला भारत नहीं रह गये हैं” और जो लोग इसे लेकर सरकार की आलोचना कर रहे हैं उनके पास शासन को लेकर “बौद्धिक स्तर की समझ” […]

पणजी : केंद्रीय मंत्री एम जे अकबर ने शनिवार को कहा कि डोकलाम संकट से जिस तरह से निपटा गया वह दिखाता है कि ‘‘हम अब 1960 के दशक वाला भारत नहीं रह गये हैं” और जो लोग इसे लेकर सरकार की आलोचना कर रहे हैं उनके पास शासन को लेकर “बौद्धिक स्तर की समझ” नहीं है.

यहां मापुसा में बोलते हुए विदेश राज्यमंत्री ने कहा कि ‘‘ताकत” के जरिए ही शांति सुनिश्चित की जा सकती है क्योंकि ‘‘भारत की संभवत: परीक्षा” ली जा रही है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जो इस मुद्दे पर सरकार की आलोचना कर रहे हैं, “वह साफ तौर पर बार-बार यह साबित कर रहे हैं कि उन्हें शासन व्यवस्था की कोई जानकारी, कोई समझ नहीं और कोई बौद्धिक ज्ञान नहीं है.”

राहुल गांधी ने शुक्रवार को लंदन में कहा था कि चीन के साथ डोकलाम विवाद कोई “अकेला मामला” नहीं था बल्कि ‘‘घटनाओं के सिलसिले” का एक हिस्सा था और अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस प्रक्रिया को ध्यान से देख रहे होते तो भारत इसे रोक सकता था.

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