5.30 : संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव को मंजूरी देना या ना देना स्पीकर का अधिकार है, सरकार का नहीं. एनडीए की सभी पार्टियां इसके खिलाफ वोट करेंगी.
4.30 : अविश्वास प्रस्ताव पर बोले रामगोपाल, विपक्ष के पास नंबर नहीं , पर जनता के मन में अविश्वास पैदा करना लक्ष्य
4.15PM : TMC नेता दिनेश त्रिवेदी ने आज कहा कि अविश्वास प्रस्ताव हमारी संसद की महत्वपूर्ण प्रकिया है, इसलिए मैं सरकार और स्पीकर से यह आग्रह करता हूं कि वे अविश्वास प्रस्ताव की तारीख बदल दें. हमने प्रदर्शन किया लेकिन उन्हें मना नहीं सके, इसलिए अपने सदस्यों को व्हिप जारी कर दिया है.
4.00 PM : #NoConfidenceMotion : तूणमूल कांग्रेस ने अपने सांसदों को व्हिप जारी किया
3.45 PM : भाजपा ने अपने सांसदों को तीन लाइन का व्हिप जारी किया और एनडीए के सदस्यों से भी कहा कि वे अपने सांसदों को व्हिप जारी करें.
2.50PM : अविश्वास प्रस्ताव पर बोलीं सोनिया, किसने कहा हमारे पास नंबर नहीं
1.40 PM : अविश्वास प्रस्ताव पर लोकसभा में शुक्रवार 20 जुलाई को होगी चर्चा
1.38 PM: मॉब लिचिंग मामले पर आज केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा ने कहा कि रामगढ़ में जो कुछ हुआ, उसपर मैं पहले ही अपनी राय बता चुका है और राहुल गांधी को बहस का आमंत्रण भी दिया है.
12.20 PM : लोकसभा में टीडीपी का अविश्वास प्रस्ताव स्पीकर ने किया मंजूर
12 noon : मनोनीत राज्यसभा सांसद बॉक्सर एमसी मैरीकॉम संसद पहुंचीं
11.40 : समाजवादी पार्टी और तेलुगू देशम के सांसद लोकसभा में वेल में पहुंचे, कर रहे हैं हंगामा
11.10 : लोकसभा मेंविपक्ष का हंगामा, मॉब लिंजिंग पर चर्चा की मांग, राजद-टीएमसी के सदस्य कर रहे हंगामा
11.05 : राज्यसभा के नये मनोनीत सांसद सोनल मानसिंह, राकेश सिन्हा और रघुनाथ महापात्रा ने शपथ ली.
10.55 : : राष्ट्रहित में कई महत्वपूर्ण लिये जायेंगे और यह सत्र राज्यों के लिए प्रेरणास्रोत होगा : नरेंद्र मोदी
10.44 : राजद के जेपी यादव ने मॉब लिचिंग पर स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया
10.40 : आंध्रप्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने के लिए वाईएसआर कांग्रेस के सांसदों ने संसद भवन परिसर में प्रदर्शन शुरू किया.
10.35 : विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और गृहमंत्री राजनाथ सिंह संसद पहुंचे.
नयी दिल्ली : संसद का मानसून सत्र आज से शुरू हो रहा है यह सत्र हंमामेदार होगा क्योंकि सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों कई मुद्दों पर आमने-सामने हैं. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने महिला आरक्षण विधेयक को पास कराने की मांग की है, तो सरकार ट्रिपल तलाक सहित पिछड़ा वर्ग आयोग और 12 साल से कम की बच्ची के साथ रेप के आरोपी को फांसी की सजा के प्रावधान वाला बिल भी लाने वाली है.
सरकार नियमों के तहत किसी भी विषय पर चर्चा कराने को तैयार है . सरकार संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी . संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि संसद की कार्यवाही 18 जुलाई से शुरू होगी और यह 10 अगस्त तक चलेगी .
तीन तलाक विधेयक सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है. यह विधेयक लोकसभा से पारित होने के बाद राज्यसभा में लंबित है . सरकार का जोर अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने से संबंधित विधेयक को पारित कराने पर भी है . सरकार के एजेंडे में मेडिकल शिक्षा के लिए राष्ट्रीय आयोग विधेयक और ट्रांसजेंडर के अधिकारों से जुड़ा विधेयक भी है . मानसून सत्र के दौरान आपराधिक कानून संशोधन विधेयक 2018 भी पेश किए जाने के लिए सूचीबद्ध किया गया है. इसमें 12 साल से कम आयु की लड़कियों से बलात्कार के दोषियों के लिए मृत्युदंड तक की सजा का प्रावधान किया गया है. इसके अलावा, सार्वजनिक परिसर से अनधिकृत कब्जे को हटाने संबंधी संशोधन विधेयक 2017, दंत चिकित्सक संशोधन विधेयक 2017, जन प्रतिनिधि संशोधन विधेयक 2017, नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट अमेंडमेंट विधेयक, नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र विधेयक 2018, भगोड़ा आर्थिक अपराध विधेयक 2018 को भी चर्चा एवं पारित कराने के लिए सूचीबद्ध किया गया है. सत्र के दौरान चर्चा के लिए नि:शुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार :दूसरा संशोधन: विधेयक, महत्वपूर्ण बंदरगाह प्राधिकार विधेयक 2016, राष्ट्रीय खेल विश्वविद्यालय विधेयक 2017, भ्रष्टाचार रोकथाम संशोधन विधेयक 2013 को भी एजेंडे में रखा गया है.
साथ ही, वित्त वर्ष 2018-19 के अनुदान की अनुपूरक मांग के पहले बैच एवं संबंधित विनियोग विधेयक को चर्चा, मतदान एवं पारित होने के लिए पेश किया जा सकता है . सत्र के दौरान विपक्ष जम्मू कश्मीर की स्थिति, पीडीपी-भाजपा सरकार गिरने एवं आतंकवाद जैसे मुद्दे उठा सकता है. किसान, दलित उत्पीड़न, राम मंदिर, डालर के मुकाबले रूपये की दर में गिरावट, पेट्रो पदार्थों की कीमतों में वृद्धि जैसे मसलों पर भी विपक्ष सरकार को घेरने का प्रयास करेगा . एक महत्वपूर्ण विषय आंध्रप्रदेश पुनर्गठन अधिनियम के प्रावधानों को लागू करने का भी हो सकता है जिसके कारण पिछले सत्र में तेलुगु देशम पार्टी ने भारी हंगामा किया था .
