आज श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान दिवस, अमित शाह जम्मू में करेंगे शक्ति प्रदर्शन

जम्मू : आज जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान दिवस है. इस अवसर पर जम्मू-कश्मीर की बदली हुई राजनीतिक परिस्थिति में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह यहां शक्ति प्रदर्शन करेंगे. वे आज शाम चार बजे ब्राह्मण परेड सभा को संबोधित करेंगे. इसकी जानकारी कुछ दिनों पहले ही कश्मरी भाजपा के प्रभारी रवींद्र रैना ने […]

जम्मू : आज जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान दिवस है. इस अवसर पर जम्मू-कश्मीर की बदली हुई राजनीतिक परिस्थिति में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह यहां शक्ति प्रदर्शन करेंगे. वे आज शाम चार बजे ब्राह्मण परेड सभा को संबोधित करेंगे. इसकी जानकारी कुछ दिनों पहले ही कश्मरी भाजपा के प्रभारी रवींद्र रैना ने दी थी.

आज अमित शाह वहां भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे, ऐसा बताया जा रहा है कि भाजपा इस अवसर का लाभ अपने शक्ति प्रदर्शन के लिए करना चाह रही है, ताकि उसका फायदा लोकसभा चुनाव में लिया जा सके.
श्यामा प्रसाद मुखर्जी प्रथम प्रधानमंत्री पंडित नेहरू की कैबिनेट में इंडस्ट्री और सप्लाई मिनिस्टर थे. उनका जन्म कोलकाता में 6 जुलाई 1901 में हुआ था. उनके पिता कलकत्ता हाई कोर्ट के जज थे, कलकत्ता यूनिवर्सिटी के वीसी भी रहे थे. डॉ॰ मुखर्जी जम्मू कश्मीर को भारत का पूर्ण और अभिन्न अंग बनाना चाहते थे. वे आर्टिकल -370 के कट्टर विरोधी थे.

अगस्त 1952 में जम्मू की विशाल रैली में उन्होंने अपना संकल्प व्यक्त किया था कि या तो मैं आपको भारतीय संविधान प्राप्त कराऊंगा या फिर इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए अपना जीवन बलिदान कर दूंगा. उन्होंने तात्कालीन नेहरू सरकार को चुनौती दी तथा अपने दृढ़ निश्चय पर अटल रहे. अपने संकल्प को पूरा करने के लिए वे 1953 में बिना परमिट लिये जम्मू कश्मीर की यात्रा पर निकल पड़े थे. वहां पहुंचते ही उन्हें गिरफ्तार कर नज़रबंद कर लिया गया था और 23 जून 1953 को रहस्यमय परिस्थितियों में उनकी मृत्यु हो गयी थी.

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