तीन बार लगातार IAS की परीक्षा में टॉप पर रहने के बाद इस बार दूसरे नंबर पर महिला शक्ति

वर्ष 2017 के सिविल सर्विसेज एग्जामिनेशन के इस बार के टॉपर हैं अनुदीप डुरीशेट्टी, तीन बार लगातार महिलाओं ने टॉप पोजिशन पर कब्जा किया था, लेकिन इस बार अनुदीप ने अपनी पकड़ पहले नंबर पर बना ली है. हां, दूसरा स्थान जरूर हरियाणा की एक महिला अनु कुमारी को मिला है. इससे पहले लगातार तीन […]

वर्ष 2017 के सिविल सर्विसेज एग्जामिनेशन के इस बार के टॉपर हैं अनुदीप डुरीशेट्टी, तीन बार लगातार महिलाओं ने टॉप पोजिशन पर कब्जा किया था, लेकिन इस बार अनुदीप ने अपनी पकड़ पहले नंबर पर बना ली है. हां, दूसरा स्थान जरूर हरियाणा की एक महिला अनु कुमारी को मिला है. इससे पहले लगातार तीन साल की परीक्षाओं में इरा सिंघल (2014), टीना डाबी (2015) और नंदिनी केआर (2016) में सिविल सर्विसेज की परीक्षाओं में टॉप किया था. इस सीरीज में अन्ना राजम मल्होत्रा का नाम उल्लेखनीय है, क्योंकि वे देश की पहली महिला आईएएस अधिकारी थीं, उन्होंने 1951 में परीक्षा पास की थी.

इस बार अनु कुमारी को दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है. अनु कुमारी हरियाणा की रहने वाली हैं और उनकी यह सफलता महिला सशक्तीकरण की ओर एक कदम है. हरियाणा में लड़कियों की सामाजिक स्थिति लड़कों की अपेक्षा बहुत अच्छी नहीं है, इसलिए अनु की सफलता को शानदार माना जा रहा है. अनु ने सोनीपत के शिवा स्कूल से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की है और दिल्ली विश्वविद्यालय से फिजिक्स ऑनर्स किया है.

उन्होंने नागपुर से एमबीए की पढ़ाई पूरी की है. वह गुड़गांव के एक कंपनी में अच्छी सैलरी पर काम कर रही थीं, लेकिन उसे छोड़कर उन्होंने आईएएस परीक्षा की तैयारी की और सफल रहीं. अनु का एक चार साल का बेटा है जिससे वह लगभग डेढ़ साल तक अलग रहीं ताकि परीक्षा की तैयारी कर सकें. मीडिया से बात करते हुए अनु ने कहा कि मैंने 10-12 घंटे रोज पढ़ाई की. मैं अपने देश की सेवा करना चाहती हूं इसलिए मेरी प्राथमिकता आईएएस ही थी.अनु की सफलता पर उनका परिवार बहुत खुश है और गौरवान्वित महसूस कर रहा है.

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