जोधपुर : उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर की एक नाबालिग लड़की से रेप के जुर्म में उम्रकैद की सजा पाने के बाद जोधपुर जेल में बंद आसाराम को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है. जानकारी के अनुसार आसाराम का एक नया ऑडियो वायरल हुआ है. बताया जा रहा है कि यह ऑडियो उम्रकैद की सजा पाने के बाद की है और जेल के अंदर से ही आसाराम अपने भक्तों को फोन पर सीधे प्रवचन देने का काम कर रहा है.
आसाराम कहता था- ‘ब्रह्म ज्ञानियों’ को रेप के लिए पाप नहीं
आसाराम का यह लाइव ऑडियो प्रवचन उसके फेसबुक पेज और मोबाइल एप ‘मंगलमय’ पर भी थोड़ी देर के लिए शेयर किया गया जिसके बाद हंगामा मच गया. बवाल खड़ा होता देख इसे थोड़ी ही देर बाद हटा लिया गया. इस ऑडियो में आसाराम कहता नजर आ रहा है कि वह जल्द ही जेल से बाहर आ जाएगा और निचली अदालत द्वारा मिली सजा को ऊपरी अदालत रद्द कर देगी.
खबरों की मानें तो आसाराम का यह ऑडियो संदेश शुक्रवार की शाम प्रसारित हुआ. वायरल हुए इस ऑडियो प्रवचन में आसाराम को यह कहते सुना जा सकता है कि यह पूरी केस ही साजिश का हिस्सा है. पहले मैं बेटी शिल्पी को निकलवाऊंगा, फिर शरत को…उसके बाद हम तुम्हारे बीच आ जाएंगे. आसाराम का लाइव ऑडियो प्रवचन सामने आने के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है. जोधपुर जेल के डीआइजी विक्रम सिंह ने बताया कि शुक्रवार शाम आसाराम ने शाम 6:30 बजे अपने कैदी के अधिकार का उपयोग करते हुए साबरमती आश्रम में फोन पर बात की थी.
रेप केस में आसाराम को सजा: लंबी लुका-छिपी के बाद इंदौर से हुआ था अरेस्ट
कथित ऑडियो क्लिप ऑनलाइन वायरल हो रहा है जिसमें स्वयंभू बाबा फोन पर एक व्यक्ति को यह कहते हुए सुनाई दे रहा है कि जेल में वह थोड़े समय रहेगा और ‘‘ अच्छे दिन आएंगे.’ विक्रम सिंह के अनुसार , आसाराम की शुक्रवार को टेलीफोन पर बातचीत के दौरान 15 मिनट की यह ऑडियो क्लिप रिकॉर्ड की गयी होगी. उन्होंने कहा कि कैदियों को एक महीने में 80 मिनट के लिए उनके द्वारा दिये गये दो नंबरों पर फोन करने की अनुमति दी जाती है. उसने शुक्रवार को शाम साढे़ छह बजे साबरमती आश्रम के एक ‘ साधक ‘ से बात की. हो सकता है कि तब यह बातचीत रिकॉर्ड की गयी हो और वायरल हो गयी हो.
टेलीफोन पर यह बातचीत उपदेश जैसी लग रही है. इस एकतरफा बातचीत में आसाराम अपने समर्थकों का शांति बनाए रखने और फैसले के लिए जोधपुर ना आने के लिए आभार जता रहे हैं. वह ऑडियो क्लिप में कथित रूप से कह रहे हैं , ‘‘ हमें कानून एवं व्यवस्था का सम्मान करना चाहिए. मैंने भी यही किया. उसने दावा किया कि कुछ लोगों ने उनके आश्रम को बदनाम करने का अभियन चला रखा है और वे इस पर कब्जा करना चाहते हैं. उसने कहा कि ऐसे उकसाने वाली बातों या आश्रम के लेटर हेड पर जो कुछ भी लिखा जा रहा है उससे बहक ना जाए. सह आरोपी शिल्पी और शरत का जिक्र करते हुए आसाराम ने कहा कि वह जेल से सबसे पहले उनकी रिहाई का बंदोबस्त करेगा क्योंकि यह ‘‘ माता – पिता का कर्तव्य है कि वे पहले अपने बच्चों के बारे में सोचें.’ शिल्पी और शरत को विशेष अदालत से 20 साल जेल की सजा मिली है.
आसाराम ने कहा , ‘‘ अगर शिल्पी और शरत की रिहाई के लिए और वकीलों की जरुरत पड़ी तो वो भी किया जाएगा. इसके बाद बापू जेल से बाहर आएगा. ‘ उसने कहा , ‘‘ अगर निचली अदालत में कोई गलती हुई है तो उसे सुधारने के लिए ऊपरी अदालतें हैं. ‘ आसाराम ने कहा , ‘‘ सच छिपता नहीं है और झूठ के पैर नहीं होते. जो भी आरोप हैं वे फालतू हैं. ‘ बातचीत के अंत में वह शरत से बात करने के लिए कहता है तो बोलता है कि जेल में चिंता की कोई बात नहीं है.
