हैदराबाद : पुराने शहर के किशनबाग इलाके में कुछ लोगों द्वारा कथित तौर पर धार्मिक झंडा जलाये जाने के कारण हुई सांप्रदायिक झड़प के बाद बुधवार को पुलिस की गोलीबारी में तीन लोगों की मौत हो गयी. पुलिस ने राजेंद्रनगर थानांतर्गत क्षेत्र में बेमियादी कर्फ्यू लगा दिया है. संघर्ष की घटना में 10 पुलिसकर्मियों समेत 17 लोग घायल हो गये.
पुलिस ने कहा कि एक समुदाय के लोगों ने जब एक पहाड़ी के पास खुले मैदान में एक धार्मिक झंडे को जलते हुए देखा, तो तनाव की स्थिति बन गयी. जैसे ही खबर फैली, बड़ी संख्या में मौके पर लोग पहुंचने लगे और कुछ युवाओं ने पास में एक अन्य समुदाय के इलाके में जाकर उनके घरों और वाहनों पर हमला शुरू कर दिया. पुलिस के मुताबिक इलाके के कुछ हिस्सों से आगजनी की भी खबर है. पुलिस ने लोगों को तितर-बितर करने की कोशिश की.
कुछ देर बाद दोनों समुदायों के सैकड़ों लोग इकट्ठे हो गये और एक- दूसरे पर पथराव शुरू कर दिया. उन्हें रोकने की कोशिश कर रहे कुछ पुलिसकर्मी इसमें चोटिल हो गये. यह जानकारी एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने दी. पुलिस ने हालात को काबू में करने के लिए गोलीबारी की और इस दौरान कम से कम तीन लोग गोली लगने से जख्मी हो गये. अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी.
* पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार : आंध्रप्रदेश के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून और व्यवस्था) वीएसके कौमुदी ने बताया, घटनाओं में कम से कम दो लोगों की जान गयी. हम पोस्टमार्टम रिपोर्ट का (यह जानने के लिए कि वे गोलीबारी में मारे गये या झड़पों में) इंतजार कर रहे हैं. अशांत इलाके में सिटी पुलिस के साथ ही रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) की तीन कंपनियों और आंध्र प्रदेश स्पेशल पुलिस की दो कंपनियों के साथ बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है.
* पुराने शहर में तनाव
सिटी पुलिस आयुक्त अनुराग शर्मा ने कहा, दो समूहों के बीच दंगे की एक घटना हुई. स्थिति अब पूरी तरह से नियंत्रण में है. हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि इसका आगे कोई परिणाम नहीं हो. हम शहर में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं. कानून और व्यवस्था बनाये रखने के लिए गश्ती वाहन निकला हुआ है. हम सुनिश्चित करेंगे कि आगे इस तरह की घटनाएं नहीं हो. दो समुदाय के बीच झड़पों के कारण पुराने शहर में तनाव व्याप्त हो गया, जिसके बाद अतिरिक्त बलों को वहां रवाना किया गया है. राज्यपाल इएसएल नरसिम्हन ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर कानून और व्यवस्था की समीक्षा की.
