SC/ST एक्ट के खिलाफ हिंसा में नौ लोगों की मौत, मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा मरे

नयी दिल्ली : अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम को कथित तौर पर शिथिल किये जाने के विरोध में दलित संगठनों के राष्ट्रव्यापी बंद के चलते कई राज्यों में जनजीवन प्रभावित हुआ, जबकि कई जगह प्रदर्शन ने हिंसक मोड़ ले लिया जिसमें कम से कम नौ लोगों की मौत हो गयी और अनेक […]

नयी दिल्ली : अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम को कथित तौर पर शिथिल किये जाने के विरोध में दलित संगठनों के राष्ट्रव्यापी बंद के चलते कई राज्यों में जनजीवन प्रभावित हुआ, जबकि कई जगह प्रदर्शन ने हिंसक मोड़ ले लिया जिसमें कम से कम नौ लोगों की मौत हो गयी और अनेक लोग घायल हुए.

कई राज्यों ने बंद के मद्देनजर शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने का आदेश दिया था और संचार एवं रेल समेत परिवहन सेवाएं अस्थायी तौर पर रोक दी थीं. प्रदर्शनकारियों के मार्च के चलते लुटियंस दिल्ली में ट्रैफिक की रफ्तार थम गयी. प्रदर्शनकारियों ने मंडी हाउस पर एकत्रित होकर उच्चतम न्यायालय के उस फैसले के खिलाफ प्रदर्शन किया जिसमें अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के कथित उत्पीड़न के मामलों में स्वत: गिरफ्तारी और मामले दर्ज किए जाने पर रोक लगायी गयी है. प्रदर्शनकारियों ने मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन के बाहर सड़क जाम कर दी जिससे यातायात थम गया और आईटीओ व यहां से होकर जानेवाले अन्य मार्गों के यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा.

इस बीच, मध्यप्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार,झारखंड और पंजाब से आगजनी और तोड़फोड़ की खबरें हैं. मध्यप्रदेश में गोलीबारी में एक छात्र नेता समेत छह लोगों की मौत तथा कई अन्य के घायल होने के बाद मुरैना, ग्वालियर और भिंड जिलों में कर्फ्यू लगा दिया गया है. भिंड के पुलिस अधीक्षक प्रशांत खरे ने बताया कि प्रदर्शनकारियों की गोलीबारी में छह व्यक्तियों के घायल होने के उपरांत स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए सेना बुला ली गयी. एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि ग्वालियर में हिंसा भड़कने के बाद एक व्यक्ति गोली लगने घायल हो गया और उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. भिंड के पुलिस अधीक्षक प्रशांत खरे ने बताया, ‘भारत बंद में विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़कने के बाद स्थिति को काबू में करने के लिए भिंड सहित जिले के मेहगांव, लहार, गोहद और मछेन्द्र कस्बे में कर्फ्यू लगाया गया.है। जिले में प्रदर्शनकारियों द्वारा गोली चलाने से छह लोग घायल हो गये हैं.’ उन्होंने बताया कि स्थिति को काबू करने के लिये जिले में सेना को बुलाया गया है.

दलितों ने पंजाब के जालंधर, पटियाला, होशियारपुर, रोपड, भठिंडा, फिरोजपुर, कपूरथला, और फगवाड़ा में प्रदर्शन किये. हरियाणा के पंचकूला, अंबाला, कैथल, हिसार, रोहतक, यमुनानगर, फरीदाबाद तथा गुरूग्राम और चंडीगढ़ में प्रदर्शन किये. इस दौरान दुकानें बंद रहीं और सड़कों से यातायात नदारत रहा. दिल्ली और लाहौर के बीच चलनेवाली भारत-पाक बस सेवा सदा-ए-सरहद भी बाधित रही. लाहौर जानेवाली बस को श्रीहिंद में रोका गया और दिल्ली जा रही बस को अमृतसर में. पुलिस ने बताया कि बाद में बसें गंतव्य की ओर रवाना होंगी. भोपाल से मिली रिपोर्ट में मुरैना के एसडीएम उमेश शुक्ला ने बताया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्र नेता राहुल पाठक की गोली लगने से मौत हो गयी. भारत बंद के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन में गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया और इलाज के लिये अस्पताल ले जाने के दौरान उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया. शुक्ला ने बताया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा बढ़ने पर पूरे मुरैना शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया है.

ग्वालियर संभाग के आयुक्त बीएम शर्मा ने बताया, विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़कने से ग्वालियर शहर के कुछ हिस्सों में कर्फ्यू लगाया गया है. वहीं, उत्तर प्रदेश मेंप्रदर्शन के दौरान दो,जबकि राजस्थान में एक व्यक्ति की मौत हो गयी. ‘उधर, केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने शांति की अपील की है. कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि अनुसूचित जाति. जनजाति अधिनियम पर उच्चतम न्यायालय के फैसले में कोई पक्षकार नहीं है और वह इस फैसले के पीछे दिये गये तर्क से ‘ससम्मान’ असहमत है. सरकार ने इस मामले पर एक समग्र समीक्षा याचिका भी दायर की है. केंद्रीय मंत्री और महत्वपूर्ण दलित नेता एवं राजग के सहयोगी लोजपा के प्रमुख रामविलास पासवान ने याचिका दायर करने का शीघ्र निर्णय लेने पर केंद्र सरकार की सराहना की और कांग्रेस पर बाबा साहब अांबेडकर के नाम पर कुछ नहीं करने का आरोप लगाया.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शांति बनाये रखने तथा कानून-व्यवस्था नहीं बिगाड़ने की अपील की, क्योंकि आजमगढ़ समेत कई जिलों से हिंसा की खबरें आयी हैं. आजमगढ़ में प्रदर्शनकारियों ने राज्य परिवहन की दो बसें जला दीं जिससे कई यात्री घायल हो गये. आगरा, हापुड़ और मेरठ में भी प्रदर्शन हिंसक हो गया. उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने बताया कि आगरा, संभल और हापुड़ में स्थिति नियंत्रण में है तथा वहां दंगारोधी पुलिस तैनात की गयी है. उन्होंने कहा, ‘हमने केंद्र से और बल मांगा है जिसे वहां तैनात किया जायेगा. हम स्थिति पर नजर रख रहे हैं जो नियंत्रण में है.’ अधिकारियों के अनुसार सप्तक्रांति एक्सप्रेस, उत्कल एक्सप्रेस, भुवनेश्वर राजधानी एवं कानपुर शताब्दी जैसी कई ट्रेनें मेरठ में गाजियाबाद से पहले और मोदीनगर में रोक दी गयी. हरियाणा के अंबाला और रोहतक में तथा हरियाणा एवं पंजाब की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ में भी प्रदर्शन हुआ.

राजस्थान में पुलिस सूत्रों के अनुसार जयपुर, अजमेर, बाडमेर, जोधपुर, श्रीगंगानगर, उदयपुर, सीकर में बंद समर्थकों और पुलिस में हल्की झड़प हुई. जयपुर में टोंक रोड पर बंद समर्थकों ने कुछ वाहनों के शीशे तोड़ दिये और दुकानों में तोड़फोड़ की और गांधी नगर रेलवे स्टेशन पर मालगाड़ी को रोकने की सूचना है. बंद समर्थकों ने अजमेर में भी दुकानें बंद करवाने को लेकर तोड़फोड़ की और वाहनों को नुकसान पहुंचाया. जयपुर, अलवर, कोटा, बीकानेर, दौसा, अजमेर, सीकर सहित कई स्थानों पर बंद समर्थकों ने दुकानें एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठान जबरन बंद करवाये. दुकानदारों और बंद समर्थकों में झड़प भी हुई. बिहार की राजधानी पटना में विपक्षी दलों तथा सत्तापक्ष के भी कुछ विधायकों ने मांग की कि इस विषय पर केंद्र से हस्तक्षेप की अपील करते हुए विधानमंडल से एक प्रस्ताव पारित किया जाये. प्रदर्शनकारी पटना जंक्शन पर पहुंचे और उन्होंने वहां टिकट बिक्री काउंटर बंद करवा दिये. वे रेलमार्ग पर धरने पर बैठ गये जिसे कई ट्रेनों की आवाजाही बाधित हुई. ओड़िशा के भी कई हिस्सों में सामान्य जनजीवन आंशिक रूप से प्रभावित रहा.

झारखंड की राजधानी रांची से प्राप्त खबरों के अनुसार, दलित संगठनों के बंद का प्रभाव झारखंड पर पड़ा. ज्यादातर दुकानदारों ने हिंसा की आशंका से अपनी अपनी दुकान पहले ही बंद कर दी थी. जमशेदपुर के बाहरी इलाके पलासबोनी में प्रदर्शनकारियों ने तड़के सामानों से लदे एक ट्रक को फूंक दिया. पुलिस उपाधीक्षक सुधीर कुमार के अनुसार, शहर के विभिन्न भागों से 652 लोग हिरासत में लिये गये हैं. बंद के दौरान राजधानी रायपुर समेत छत्तीसगढ़ के अन्य शहरों बिलासपुर, रायगढ़ में दुकानें बंद रही. वहीं, कुछ स्कूलों में बच्चों को छुट्टी दे दी गयी थी.छत्तीगढ़ की राजधानी रायपुर के अांबेडकर चौक में बंद समर्थकों ने सड़क को जाम कर दिया था जिससे यातायात में परेशानी हुई. ‘भारत बंद’ से देश के विभिन्न हिस्सों में रेल सेवा भी प्रभावित हुई.

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