श्रीनगर : जम्मू कश्मीर के अनंतनाग जिले में एक अभियान के दौरान आज सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीचआठ घंटेतकचलीमुठभेड़ में लश्करएतयबा का टॉप कमांडर बशीर लश्कारी मारा गया.उसके साथ उसका साथी आतंकी आजाद मलिक भी मारा गया. वहीं, इस मुठभेड़ में दो आम नागरिकों की भी मौत हो गयी है. बशीर लश्कारी के सिर पर जम्मू कश्मीर पुलिस ने दस लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था.
मरने वालेआम नागरिकों में एक महिला व एक लड़का भी शामिल हैं. अधिकारियों ने बताया कि 44 वर्षीय ताहिरा को मुठभेड़ के दौरान गोली लग गयी थी.उन्हें अस्पताल ले जाया गया लेकिन उसकी जान नहीं बचायी जा सकी.
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि अनंतनाग के ब्रेन्ती बटपोरा में लश्कर ए तैयबा के एक शीर्ष कमांडर सहित आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद आजसुबहरछह बजे से उन्होंने इलाके को घेर करसर्च अभियान शुरू किया. उन्होंने बताया कि तलाशी अभियान के दौरान आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों पर गोलीबारी शुरू कर दी जिसके पश्चात दोनों पक्षों में मुठभेड़ होने लगी.
2016 के जून महीने में जम्मू कश्मीर पुलिस के एसएचओ फिरोज अहमद डार एवं पांच पुलिसकर्मियों की आतंकियों ने हत्या कर दी थी. इसके पीछे बशीर लश्कारीकीमुख्यभूमिका बतायीगयी थी.
जम्मू कश्मीर के डीजीपी एसपी वैद ने कहा है कि बशीर लश्कारी छह पुलिस कर्मियों की हत्या में शामिल था. उन्होंने उसके मारे जाने पर ऑपरेशन में शामिल पुलिसकर्मियों व सुरक्षाबलों को बधाई दी है.
लश्कारी के गांव में निकाला गया जुलूस, एलओसी क्राॅस कर ली थी ट्रेनिंग
आतंकी बशीर लश्कारी की मौत के बाद अनंतनाग जिले के कोकेरनाग के शोफ शाली गांव में अाज हजारों लोगों ने मार्च निकाला. दरअसल, बशीर लश्कारी शोफ शाली गांव का ही रहने वाला था.स्थानीय सूत्रों ने बताया है कि लश्कारी 2001 में एलओसी क्रास कर दूसरी ओर चला गया था. वहां से वापस आने के बाद उसकी कई बार गिरफ्तारी हुई और उसे कई बार रिहाभी किया गया. अनंतनाग जिले के कोकेरनाग के शोप शाली गांव के रहने वाला बशीर लश्कारी दो अक्तूबर, 2015 को सक्रिय आतंकी के रूप में संगठन में भर्ती हुआ था. वह ए प्लस प्लस श्रेणी का आतंकी थी. वह अनंतनाग जिले में लश्कर के आतंकियों का कमांडर था.
