राजनाथ सिंह का ऐलान: देश में खुलेंगे 100 नए सैनिक स्कूल, NCC कैडेट्स भी बढ़ेंगे

Rajnath Singh Announcement: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देश के एजुकेशन और डिफेंस सिस्टम में बड़े बदलाव का ऐलान किया है. अब 100 नए सैनिक स्कूल सिर्फ सरकारी भरोसे नहीं, बल्कि प्राइवेट सेक्टर के साथ मिलकर (PPP मॉडल) खोले जाएंगे. साथ ही NCC की वैकेंसी भी बढ़ाई गई है. जानिए, इस फैसले से युवाओं को क्या फायदा होगा.

Rajnath Singh Announcement: केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने युवाओं के लिए बड़े बदलावों का रास्ता साफ कर दिया है. सैनिक स्कूल घोड़ाखाल के डायमंड जुबली प्रोग्राम में उन्होंने बताया कि अब देश में 100 नए सैनिक स्कूल खोले जाएंगे. ये स्कूल PPP (Public-Private Partnership) मॉडल पर चलेंगे, जिसका मतलब है कि सरकार और प्राइवेट सेक्टर मिलकर इन्हें चलाएंगे. इन स्कूलों का मकसद सिर्फ सेना में भर्ती करना नहीं, बल्कि युवाओं को हर फील्ड के लिए लीडर बनाना है.

NCC कैडेट्स की संख्या में भारी बढ़ोतरी

राजनाथ सिंह ने नेशनल कैडेट कोर (NCC) के विस्तार की भी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि अब NCC कैडेट्स की संख्या 17 लाख से बढ़ाकर 20 लाख कर दी गई है. उन्होंने कहा कि वैकेंसी बढ़ने से अब ज्यादा बच्चों को अनुशासन, लीडरशिप और देशभक्ति जैसे गुण सीखने का मौका मिलेगा. रक्षा मंत्री के मुताबिक, यह कदम देश बनाने की दिशा में बहुत जरूरी है.

सैनिक स्कूल घोड़ाखाल का शानदार रिकॉर्ड

रक्षा मंत्री ने घोड़ाखाल सैनिक स्कूल की तारीफ करते हुए बताया कि यहां से अब तक 800 से ज्यादा स्टूडेंट्स नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) पहुंच चुके हैं. इसके अलावा 2,000 से ज्यादा कैडेट्स ने CDS और AFCAT जैसे रास्तों से सेना में जगह बनाई है. उन्होंने कहा कि यहां के बच्चे सिर्फ पढ़ाई में ही नहीं, बल्कि स्पोर्ट्स और कल्चरल एक्टिविटीज में भी टॉप पर हैं.

लड़कियों की एंट्री को बताया ऐतिहासिक कदम

सैनिक स्कूलों में लड़कियों के एडमिशन को लेकर राजनाथ सिंह ने इसे एक ‘क्रांतिकारी कदम’ कहा. उनके अनुसार, बेटियों ने अपनी परफॉर्मेंस से यह साबित कर दिया है कि वे किसी भी मामले में लड़कों से पीछे नहीं हैं. यह फैसला महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ी जीत है.

ये भी पढ़ें: भारत से पाकिस्तान-अफगानिस्तान तक मौसम का यू-टर्न! 1000 किमी लंबे ‘रेन बैंड’ के बारे में जानें

हर चुनौती के लिए रहें तैयार

राजनाथ सिंह ने कैडेट्स को मैसेज देते हुए कहा, “हमेशा तैयार रहें.” उन्होंने मेंटल मजबूती और फिजिकल फिटनेस पर जोर दिया और कहा कि एक मजबूत देश तभी बनता है जब उसके नागरिक किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए तैयार हों. उन्होंने अनुशासन को कामयाबी की सबसे बड़ी चाबी बताया.

ये भी पढ़ें: 6th Gen फाइटर जेट प्रोग्राम में शामिल होगा भारत, लेकिन दो ग्रुप में फंसा, जानें इनकी खासियत और IAF की चुनौती

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >