मधुबनी. सदर अस्पताल में इलाज के लिए आने बाले मरीजों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सकीय सुविधा के साथ – साथ विभिन्न प्रकार की बीमारियों का निशुल्क सर्जरी भी की जा रही है. इस क्रम में शुक्रवार को सदर अस्पताल के इतिहास में पहली बार बाबासीर से ग्रसित 60 वर्षीय महिला चंद्रकला देवी का लेप्रोस्कोपिक विधि से सदर अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. फैजुल हसन ने सफल ऑपरेशन किया. महिला मरीज ने बताया कि वह इस बीमारी से वर्षो से पीड़ित थी. अब तक हजारों रुपये का इलाज करवा लिया. लेकिन बीमारी ठीक नहीं हुआ. बताया कि आज का दिन मेरे लिए बेहद खास रहा. जब सदर अस्पताल के चिकित्सकों ने मुफ्त में ऑपरेशन किया. डॉ. फैजुल हसन ने कहा कि निजी संस्थानों में इस ऑपरेशन में 50 हजार रुपये से अधिक खर्च आती है. उन्होंने कहा कि सदर अस्पताल में लेप्रोस्कोपिक सर्जरी की सुविधा उपलब्ध नहीं है, लेकिन मरीजों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए रामशिला हास्पिटल से लेप्रोस्कोपिक मंगवाकर मरीज का ऑपरेशन किया गया. इसके लिए मरीज को एक रुपये का खर्च नहीं करना पड़ा. वहीं इस ऑपरेशन के बाद इसकी चर्चा हर जगह की जा रही है. सदर अस्पताल में मई 2025 से अगस्त 2025 तक लगभग 1500 मरीजों का ऑपरेशन विभिन्न विधा के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा की गई. अस्पताल द्वारा जारी आंकड़ों में गायनिक विभाग में 683, एनेस्थीसिया 568 मरीजों को दिया गया. नेत्र विभाग में 113, जेनरल सर्जरी 87, ऑर्थोपेडिक में 40 ऑपरेशन किया गया. इस प्रकार 1491 मरीजों का सफलतापूर्वक ऑपरेशन की गई. इसमें हड्डी विभाग में डॉ. राजीव रंजन 20 व डॉ. विक्रम सिंह ने 20 ऑपरेशन किया. इसमें मेजर एवं माइनर आपरेशन शामिल हैं. जेनरल सर्जरी में डॉ. रामनिवास सिंह 39, डॉ. मेराज अशरफ 27, डॉ. फैजुल हसन 6, डॉ. संजीत 9 व डॉ. अबू अकरम ने 6 ऑपरेशन किया. वहीं ,नेत्र विभाग में डॉ. आकांक्षा कुमारी 87 व डॉ. आशिक रेजा ने 26 मोतियाबिंद मरीजों का ऑपरेशन किया. गायनिक विभाग में डॉ. रागिनी, डॉ. सुमन कुमार, डॉ. विद्या पॉल, डॉ. साहिदा फारुकी व डॉ. सना फातमा ने सिजेरियन, फैमिली प्लानिंग आदि संबंधित ऑपरेशन किया. इस दौरान 568 मरीजों को एनेस्थीसिया दिया गया. बेहतर मशीन व सुविधा की भी मांग अमूमन गर्मी के मौसम में गंभीर मरीज हैं अपना ऑपरेशन करवाते हैं. जबकि ठंड के मौसम में ऑपरेशन कराने बाले मरीजों की संख्या में अधिक बढ़ोत्तरी होती है. इसके मद्देनजर सदर अस्पताल के चिकित्सकों द्वारा सभी आवश्यक उपकरण विभाग द्वारा उपलब्ध कराने की सूची सिविल सर्जन एवं अस्पताल प्रशासन को दी गई है. इसमें ओटी अपडेटेशन, एम ओटी व जेनरल ओटी में शैडो लेश लाइट, आई ओटी में पावर बैकअप को तत्काल उपलब्ध कराने की मांग की गई है. इसके नहीं होने की वजह से चिकित्सकों को ऑपरेशन करने में कई बार परेशानियों का सामना करना पड़ता है. एसएनसीयू में भी कई मशीन ख़राब या अनुपयोगी है. इन कमियों के लिए चिकित्सकों व कर्मियों ने कई बार विभाग को लिखा भी है, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है.
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