एक व्यक्ति के रूप में स्वयं को जानना जरूरी

वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) रामबाग में शुक्रवार को दो दिवसीय कार्यशाला हुई. इसका मुख्य विषय ''''एक व्यक्ति के रूप में स्वयं को जानना'''' था.

वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) रामबाग में शुक्रवार को दो दिवसीय कार्यशाला हुई. इसका मुख्य विषय ””एक व्यक्ति के रूप में स्वयं को जानना”” था. कार्यशाला में मुशहरी प्रखंड के विभिन्न माध्यमिक विद्यालयों के 50 शिक्षक और शिक्षिकाओं ने भाग लिया. कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन दीप प्रज्वलन और डीएलएड के प्रशिक्षुओं द्वारा स्वागत गान के साथ हुआ. डायट की प्राचार्या अनामिका कुमारी ने कहा कि इसका लक्ष्य शिक्षकों को उनके व्यक्तित्व को समझने और अपनी कार्यकुशलता में सुधार करने में मदद करना है. उन्होंने कहा कि स्वयं को जानना और अपनी क्षमता व कुशलता को पहचानना शिक्षा का एक महत्वपूर्ण कार्य है. बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के दर्शनशास्त्र विभाग के डीन प्रो. हरि नारायण पाण्डेय ने कहा कि जागरूकता की दिशा और दशा पर ध्यान देना चाहिए, जो सामाजिक और भावनात्मक कारकों से प्रभावित होती है. इस दौरान एलएस कॉलेज के मनोविज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. नागेंद्र नारायण मिश्रा, आरडीएस कॉलेज के अर्थशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. रवींद्र नाथ ओझा ने अपनी बात रखी. इस अवसर पर अर्जुन गिरी, पंकज सिंह, मनीष पाण्डेय, डॉ. रश्मि, राकेश सिन्हा, आशीष कुमार, डॉ. मीरा कुमारी के साथ सभी प्रशिक्षु उपस्थित थे.

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