रामगढ़. राधा गोविंद विश्वविद्यालय रामगढ़ के हिंदी विभाग में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती पर परिचर्चा का आयोजन बुधवार को किया गया. कार्यक्रम का विषय था दिनकर का साहित्य और युवा पीढ़ी. विश्वविद्यालय के कुलाधिपति बीएन साह ने कहा कि दिनकर ने युवाओं को साहस और आत्मबल का संदेश दिया. उनकी कविताएं हमें यह सिखाती हैं कि कठिनाइयों से डरना नहीं, बल्कि उनका डटकर सामना करना चाहिये. सचिव प्रियंका कुमारी ने कहा कि दिनकर का साहित्य युवाओं में विद्रोह की भावना नहीं, बल्कि सकारात्मक संघर्ष की चेतना जगाता है. कार्यक्रम का शुभारंभ हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. मनमीत कौर ने किया. उन्होंने कहा कि दिनकर केवल कवि नहीं थे, बल्कि युग की अंतरात्मा थे. परिचर्चा में डॉ. अंजनी कुमार मिश्रा, किशोर कुमार महतो, प्रीति कुमारी ने दिनकर के नैतिक मूल्यों व सामाजिक सरोकार के सोच को परिभाषित किया. मौके पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो (डॉ) रश्मि, कुलसचिव प्रो (डॉ) निर्मल कुमार मंडल, डॉ संजय कुमार, प्रो डॉ अशोक कुमार, अजय कुमार थे. कार्यक्रम का संचालन चन्द्रशेखर महतो व धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सत्येन्द्र कुमार ने किया. अंत में परिचर्चा में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया.
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