Dhanbad News : नेतृत्व, टीमवर्क व उद्देश्य आधारित एचआर रणनीतियों पर मंथन

‘स्पर्श-2025’ एचआर कॉन्क्लेव : कार्यस्थल को मानवीय और परिणामोन्मुख बनाने पर विशेषज्ञों ने रखे विचार युवाओं के लिए प्रेरणादायक रहा आयोजनफोटो – बीसीसीएल वरीय संवाददाता, धनबाद. बीसीसीएल का दो

‘स्पर्श-2025’ एचआर कॉन्क्लेव : कार्यस्थल को मानवीय और परिणामोन्मुख बनाने पर विशेषज्ञों ने रखे विचार

युवाओं के लिए प्रेरणादायक रहा आयोजन

फोटो – बीसीसीएल

वरीय संवाददाता, धनबाद.

बीसीसीएल का दो दिवसीय एचआर कॉन्क्लेव ‘स्पर्श-2025’ शनिवार को सफलता पूर्वक संपन्न हुआ. कार्यक्रम के दूसरे दिन सार्वजनिक क्षेत्र, कोयला उद्योग, शैक्षणिक संस्थानों और कॉर्पोरेट नेतृत्व से जुड़े एचआर विशेषज्ञों और शीर्ष प्रबंधन ने मिलकर टीमवर्क, उद्देश्य की स्पष्टता और नेतृत्व आधारित प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया. दूसरे दिन कार्यक्रम की शुरुआत ‘टीम वर्क – क्रिएटिंग पैशन’ विषयक तकनीकी सत्र से हुई. जिसमें वक्ताओं ने बताया कि कैसे सहानुभूति, सहयोग और साझा नेतृत्व के माध्यम से कार्यस्थल पर जुनून और प्रतिबद्धता विकसित की जा सकती है. इसके बाद हुए अंतिम तकनीकी सत्र ‘क्रिएटिंग परप्रोज- अचीविंग गोल्स’ में युवाओं और मिलेनियल पीढ़ी को केंद्र में रखते हुए स्मार्ट व ओकर जैसे आधुनिक लक्ष्य निर्धारण फ्रेमवर्क व करियर पाथिंग जैसी जीवनदर्शी विचारधाराओं पर संवाद हुआ. इस अवसर पर कोल इंडिया के निदेशक (मानव संसाधन) डॉ विनय रंजन ने कहा कि आज के समय में एचआर केवल प्रक्रियाओं तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह संगठन की आत्मा बन गया है. खुश और प्रेरित कर्मचारी ही किसी संस्था की असली ताकत होते हैं. ईसीएल के सीएमडी सतीश झा ने कहा कि आज का कार्यस्थल केवल लक्ष्य प्राप्ति का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तिगत और व्यावसायिक संतोष का स्थान बनना चाहिए. जब व्यक्ति का उद्देश्य संगठन के विजन से जुड़ता है, तभी उत्कृष्टता संभव है. बीसीसीएल के निदेशक (मानव संसाधन) मुरली कृष्ण रमैया ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा कि स्पर्श कॉन्क्लेव सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि विचारों, संवादों और एचआर की नयी सोच की दिशा में एक पहल है. कॉन्क्लेव में कोल इंडिया व उसकी अनुषंगी कंपनियों के शीर्ष अधिकारी केशव राव (एमसीएल), हर्ष नाथ मिश्रा (सीसीएल), डॉ. हेमंत शरद पांडे (डब्ल्यूसीएल), गुंजन कुमार सिन्हा (इसीएल) सहित प्रमुख एचआर विशेषज्ञों ने भाग लिया. इसके अतिरिक्त शैक्षणिक संस्थानों और उद्योग जगत से जुड़े प्रतिनिधियों में डॉ कमाक्षी रमण (आइआइसीएम), शंकर नागाचारी (सीएमपीडीआइ), रेणुका वर्मा (एमएसटीसी), डॉ शारदा सिंह व सूरज छेत्री (एयरबस) आदि शामिल रहे.

प्रतिभागियों में सहभागिता प्रमाणपत्र का वितरण :

कार्यक्रम के अंत में छात्र प्रतिनिधियों के लिए आयोजित फीडबैक सत्र और क्विज में युवाओं ने इस अनुभव को मार्गदर्शक, प्रेरणादायक और करियर निर्माण में सहायक बताया. समापन सत्र में डॉ विनय रंजन ने प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाणपत्र वितरित किया.

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By Manohar kumar

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