सनस्क्रीन के अधिक इस्तेमाल से शरीर में विटामिन डी की कमी हो सकती है, जिससे मांसपेशियां कमजोर होती हैं और हड्डियों के टूटने का जोखिम बढ़ जाता है. ‘जर्नल ऑफ अमेरिकन ऑस्टियोपैथिक एसोसिएशन’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया में करीब एक अरब लोग सनस्क्रीन के इस्तेमाल के कारण विटामिन डी की कमी से जूझ […]
सनस्क्रीन के अधिक इस्तेमाल से शरीर में विटामिन डी की कमी हो सकती है, जिससे मांसपेशियां कमजोर होती हैं और हड्डियों के टूटने का जोखिम बढ़ जाता है. ‘जर्नल ऑफ अमेरिकन ऑस्टियोपैथिक एसोसिएशन’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया में करीब एक अरब लोग सनस्क्रीन के इस्तेमाल के कारण विटामिन डी की कमी से जूझ रहे हैं. सनस्क्रीन के अधिक इस्तेमाल के कारण उनका शरीर धूप के संपर्क में नहीं आता और वे विटामिन डी से वंचित रह जाते हैं.
अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित टॉरो यूनिवर्सिटी के सहायक प्रोफेसर किम फोटेनहॉएर का कहना है कि लोग घरों से बाहर खुले में बहुत कम समय बिता रहे हैं और जब भी वे बाहर निकलते हैं, सनस्क्रीन लगा कर निकलते हैं. ऐसे में उनके शरीर की विटामिन डी निर्माण की क्षमता खत्म हो जाती है.
त्वचा के कैंसर से अपना बचाव के लिए हल्की धूप में बिना सनस्क्रीन लगाये निकलना बेहतर समझा गया है, क्योंकि इससे शरीर में विटामिन डी का स्तर बढ़ाने में मदद मिलती है.