आसान होगी मलेरिया की जांच

मलेरिया का कहर मुख्य रूप से विकासशील देशों में ही देखने को मिल रहा है. गांवों में लोग इससे अधिक प्रभावित होते हैं, जबकि इसके लिए जांच की सुविधा अधिकतर आधुनिक लैब में होती है. इससे दूरदराज के इलाकों में काफी परेशानी होती है. अभी इसकी जांच माइक्रोस्कोप की मदद से स्टेनिंग और उसके बाद […]

मलेरिया का कहर मुख्य रूप से विकासशील देशों में ही देखने को मिल रहा है. गांवों में लोग इससे अधिक प्रभावित होते हैं, जबकि इसके लिए जांच की सुविधा अधिकतर आधुनिक लैब में होती है. इससे दूरदराज के इलाकों में काफी परेशानी होती है. अभी इसकी जांच माइक्रोस्कोप की मदद से स्टेनिंग और उसके बाद माइक्रोस्कोप से सेल्स को देख कर की जाती है. इसमें काफी समय लगता है.
हाल ही में अमेरिका के ड्यूक यूनिवर्सिटी में वैज्ञानिकों ने मलेरिया की जांच का नया तरीका खोज निकाला है. इसके लिए उन्होंने फुलली आॅटोमेटेड सिस्टम डेवलप किया है. इसके लिए खून की एक बूंद की जरूरत होती है. इस नयी तकनीक की मदद से प्रति मिनट हजारों कोशिकाओं को स्कैन किया जा सकता है. इस तरह एक पूरे गांव का टेस्ट एक दिन में किया जा सकता है. यह सिस्टम क्वांटिटेटिव फेज स्पेक्ट्रोस्कोपी के सिद्धांत पर काम करता है.
इसमें कोशिकाओं में चमक और रंग हमेशा परिवर्तित होती है. इसमें लगे सेंसर यह पता लगाते हैं कि अलग-अलग प्रकाश की तरंगों से कोशिकाओं पर कैसा प्रभाव पड़ता है. सिस्टम डाटा को कंपाइल करके एक होलोग्राफिक इमेज तैयार करता है. सिस्टम में हेल्दी और इन्फेक्टेड सेल्स के 1000 से अधिक उदाहरण मौजूद हैं. इसमें मौजूद जटिल एल्गोरिद्म की मदद से इन्फेक्टेड सेल्स को पहचाना जाता है. इसकी एक्यूरेसी 97 से 100% है.

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