प्रेग्नेंट महिलाएं बच्चे के तेज़ दिमाग के लिए खाएं ‘मछली’: रिसर्च

प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को अपने आहार का विशेष ख्याल रखना पड़ता है. इस आहार का नियम कुछ इस तरह होता है कि होने वाला बच्चा स्वस्थ पैदा हो. लेकिन यदि आप चाहती हैं कि आपका होने वाला बच्चा तेज़ वाला हो तो आपको मछली खानी चाहिए. जी हाँ, यह दावा किया है हालिया हुए […]

प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को अपने आहार का विशेष ख्याल रखना पड़ता है. इस आहार का नियम कुछ इस तरह होता है कि होने वाला बच्चा स्वस्थ पैदा हो. लेकिन यदि आप चाहती हैं कि आपका होने वाला बच्चा तेज़ वाला हो तो आपको मछली खानी चाहिए. जी हाँ, यह दावा किया है हालिया हुए एक शोध ने.

इस नए शोध के अनुसार, ऐसी महिलाएं जो सप्ताह में तीन से चार दिन मछली खाती हैं, उनके बच्चों का दिमाग बेहद तेज होता है, शोध में यह बात भी सामने आई है कि गर्भावस्था के दौरान मछली का सेवन करने वाली महिलाओं के बच्चों में ऑटिज्म (अविकसित मस्तिष्क) का खतरा भी कम होता है.

शोध के अनुसार, "गर्भवस्था के दौरान बड़ी वसायुक्त (फैट वाली) मछलियां खाने वाली महिलाओं के बच्चों के दिमाग का विकास सिर्फ बेहतर ही नहीं होता, बल्कि उनमें ऑटिज्म का खतरा भी कम हो जाता है."

शोधकर्ताओं के सामने चौंकानेवाली यह बात सामने आई है कि टुना या टाइलफिश जैसी कुछ विशेष मछलियां जिनमें मर्करी का स्तर ज्यादा होता है, उसे गर्भवती महिलाएं खाना पसंद नहीं करतीं, इनका संबंध कुछ सबसे बड़े विकासात्मक फायदों से है.

शोधकर्ताओं के अनुसार, वैसी मछलियां जिनमें डोकोसाहेक्सानोइक एसिड (डीएचए) यौगिक का स्तर उच्च होता है, वे मर्करी के किसी भी नकारात्मक प्रभाव को दूर करती हैं.

स्पेन के बार्सिलोना में सेंटर फॉर रिसर्च इन एनवयारमेंटल एपिडेमियोलॉजी के मुख्य शोधकर्ता जॉर्डी जुल्वेज ने कहा कि टुना जैसी मछलियों में मर्करी होता है, लेकिन उनमें डीएचए की मात्रा बेहद अधिक होती है, जो मस्तिष्क के विकास में बेहद मदद करता है. जुल्वेज ने कहा, "हो सकता है कि मर्करी के नकारात्मक प्रभावों को यह दूर करता है."

यह शोध पत्रिका लाइव साइंसमें प्रकाशित किया गया है.

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