गाय का दूध कहीं आपके बच्चे को मोटा न कर दे!

नवजात शिशुओं के लिए माँ का दूध ही सर्वोत्तम माना जाता है लेकिन फिर भी अधिकतर महिलाएं बच्चों को ब्रेस्ट फीडिंग कराने से कतराती हैं. यदि आप भी इन महिलाओं में से एक हैं, तो सावधान हो जाएं! अधिकतर महिलाएं ब्रेस्ट फीडिंग की जगह गाय का दूध अपने नवजात शिशु को पिलाना उचित समझती हैं […]

नवजात शिशुओं के लिए माँ का दूध ही सर्वोत्तम माना जाता है लेकिन फिर भी अधिकतर महिलाएं बच्चों को ब्रेस्ट फीडिंग कराने से कतराती हैं. यदि आप भी इन महिलाओं में से एक हैं, तो सावधान हो जाएं!

अधिकतर महिलाएं ब्रेस्ट फीडिंग की जगह गाय का दूध अपने नवजात शिशु को पिलाना उचित समझती हैं लेकिन हालिया हुए एक शोध के अनुसार ऐसा करना बच्चे को मोटा बना सकता है.

एक अध्ययन में 1000 बच्चों पर दूध की क्वालिटी और क्वांटिटी को लेकर प्रयोग किया गया जिसमें यह पता लगाया गया कि दूध बच्चों का वेट, हाइट और बॉडी मास इंडेक्स को उनकी 10 साल तक की उम्र तक कैसे प्रभावित करता है.

यूनिवर्सिटी ऑफ़ ब्रिस्टोल के डॉ. पौलिन के अनुसार, नवजात शिशुओं को ब्रेस्ट फीडिंग न करा कर, गाय का दूध पिलाना बच्चों को मोटा कर सकता है और यह बच्चे के 10 साल तक लगातार मोटा रखने और आगे भी मोटा होने की संभावनाओं को बढ़ाता है.

अध्ययन बताता है कि जिन शिशुओं को एक दिन में 600 मि.ली. गाय का दूध पिलाया जाता है, उनमें ब्रेस्ट फीडिंग या फॉर्मूला मिल्क का सेवन करने वाले शिशुओं की अपेक्षा जल्दी वजन बढ़ता है और दस वर्ष की उम्र तक वे मोटापे का शिकार हो सकते हैं.

विशेषज्ञों का मानना है कि नवजात शिशुओं को सिर्फ गाय का दूध पिलाना उनके वजन को लगातार बढ़ाता जाता है और साथ ही बचपन से उनका बॉडी मॉस इंडेक्स अधिक रहता है. यही आगे जा कर उन्हें मोटा और मोटा बनाता है.

अमेरिकन जर्नल ऑफ़ क्लिनिकल नुट्रीशन में यह लेख प्रकाशित हुआ.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >