मसाला नहीं औषधि है तेजपत्ता

सांस की समस्या होने पर पानी में दो-तीन तेजपत्ता डाल कर उबाल लें. अब इस पानी में 10 मिनट तक भाप बनने दें फिर इस पानी में एक कपड़ा भिगोएं और यह कपड़ा सीने पर रखें. इससे फ्लू, सर्दी और खांसी कम हो जाती है. – तेजपत्ता टाइप 2 मधुमेह के इलाज में भी प्रभावी […]

सांस की समस्या होने पर पानी में दो-तीन तेजपत्ता डाल कर उबाल लें. अब इस पानी में 10 मिनट तक भाप बनने दें फिर इस पानी में एक कपड़ा भिगोएं और यह कपड़ा सीने पर रखें. इससे फ्लू, सर्दी और खांसी कम हो जाती है.
– तेजपत्ता टाइप 2 मधुमेह के इलाज में भी प्रभावी होता है. तेजपत्ते की पत्तियों के पाउडर का एक महीने तक सेवन किया जा सकता है.
– यह दांतों की चमक व सफेदी बढ़ाता है. इसके लिए सप्ताह में दो बार तेजपत्ते के पाउडर से मंजन करें.
– सोते समय तेजपत्ते के थोड़े से पाउडर को पानी के साथ मिला कर सेवन करने से नींद अच्छी आती है.
– तेजपत्ते का तेल बालों में रूसी और बाल झड़ने की समस्या से राहत दिलाता है.
– तेजपत्ता आपकी त्वचा के तनाव को भी कम करता है और त्वचा की झुर्रियों और क्षति को रोकता है. इसके लिए तेजपत्ते के पांच सूखे पत्तों को दो कप पानी में दो मिनट तक ढक कर उबालें. अब ढक्कन हटा कर दो मिनट खुला उबाल लें फिर इस पानी से अपने चेहरे पर भाप लें.
– शरीर के किसी भी अंग से खून निकलने पर तेजपत्ते के सेवन से बंद हो जाता है. नाक, मुंह, मल या यूरीन से खून निकलने पर एक गिलास ठंडे पानी में एक चम्मच तेजपत्ते का चूर्ण हर तीन घंटे के बाद सेवन करने से खून का बहना बंद हो जाता है.
– तेजपत्ता गठिया रोग में भी बहुत लाभदायक होता है.

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