Plastic Tea Bag यूजर्स सावधान! आपको हर रोज बीमार बना रही यह चाय

टोरंटो : प्लास्टिक टी बैग आपके पेय पदार्थ में सूक्ष्म या नैनो आकार के लाखों कणों को पहुंचा सकता है. एक अध्ययन में ऐसा दावा किया गया है. ‘एनवायरमेंटल साइंस एंड टेक्नोलॉजी’ पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन में कहा गया है कि इन सूक्ष्म कणों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर का पता फिलहाल नहीं चल […]

टोरंटो : प्लास्टिक टी बैग आपके पेय पदार्थ में सूक्ष्म या नैनो आकार के लाखों कणों को पहुंचा सकता है. एक अध्ययन में ऐसा दावा किया गया है. ‘एनवायरमेंटल साइंस एंड टेक्नोलॉजी’ पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन में कहा गया है कि इन सूक्ष्म कणों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर का पता फिलहाल नहीं चल पाया है.

प्लास्टिक दिनों दिन छोटे-छोटे कणों में टूटता रहता है. प्लास्टिक के इन सूक्ष्म कणों का आकार 100 नैनोमीटर से भी कम होता है. तुलना के लिए जान सकते हैं कि इंसानों के बाल का व्यास तकरीबन 75000 नैनोमीटर होता है.

कनाडा में मैकगिल विश्वविद्यालय के शोधार्थियों ने पर्यावरण, जल और खाद्य शृंखला में मौजूद अति सूक्ष्म कणों का पता लगाया, लेकिन अभी यह ज्ञात नहीं है कि क्या इंसानों के लिए ये हानिकारक होते हैं.

शोधार्थी नताली तूफेंकजी और उनके सहयोगी जानना चाहते थे कि क्या प्लास्टिक टी बैग पेय पदार्थ में अति सूक्ष्म कण छोड़ते हैं. अपने विश्लेषण के लिए शोधार्थियों ने चार अलग-अलग तरह के टी बैग खरीदे.

उन्होंने पैकेट से चायपत्ती निकालकर उसे धो दिया और उसके बाद प्रयोग किया. इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोपी का इस्तेमाल करने पर टीम को पता चला कि एक प्लास्टिक टी बैग चाय उबालने के तापमान पर पानी में करीब 11.6 अरब माइक्रोप्लास्टिक और 3.1 अरब नैनोप्लास्टिक कण छोड़ता है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >