Rare Disorder से पीड़ित युवक के शरीर से डॉक्टरों ने निकाला यूटेरस, फेलोपियन ट्यूब और वजाइना

मुंबई : बंध्यापन के इलाज के लिए मुंबई के सरकारी जेजे अस्पताल आये 29 वर्षीय युवक के शरीर से डॉक्टरों ने महिला जननांग जैसे गर्भाशय, फेलोपियन ट्यूब और योनि को निकाल दिया है. डॉक्टरों का कहना है कि युवक में बेहद दुर्लभ गड़बड़ी है और अभी तक ऐसे सिर्फ 200 मामले ही सामने आये हैं. […]

मुंबई : बंध्यापन के इलाज के लिए मुंबई के सरकारी जेजे अस्पताल आये 29 वर्षीय युवक के शरीर से डॉक्टरों ने महिला जननांग जैसे गर्भाशय, फेलोपियन ट्यूब और योनि को निकाल दिया है.

डॉक्टरों का कहना है कि युवक में बेहद दुर्लभ गड़बड़ी है और अभी तक ऐसे सिर्फ 200 मामले ही सामने आये हैं. जेजे अस्पताल के डॉक्टरों ने पिछले महीने युवक की सर्जरी की थी और उसके स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है. अस्पताल के यूरोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉक्टर वेंकट गीते ने बताया कि युवक की सर्जरी 26 जून को हुई है.

उन्होंने बताया कि हमने युवक के शरीर से गर्भाशय, फेलोपियन ट्यूब, सर्विक्स और योनि का एक हिस्सा निकाला है. डॉक्टर ने कहा, सूचनाओं के मुताबिक अभी तक 200 ऐसे मामले आये हैं. इसे ‘परसिस्टेंट मुलेरियन डक्ट सिंड्रोम’ कहा जाता है. डॉक्टर गीते ने कहा कि मरीज के शरीर के स्कैन से पता चला था कि उसका टेस्टिकल अभी भी शरीर के भीतर ही है.

इस समस्या को सर्जरी से सुलझाया जा सकता था. लेकिन जब हमने सर्जरी शुरू की तो हमें भीतर गर्भाशय जैसा अंग दिखा. उन्होंने कहा, एमआरआई से पता चला कि उसके शरीर के भीतर फलोपियन ट्यूब, सर्विक्स और योनि जैसे स्त्री जननांग भी हैं. डॉक्टर ने कहा, हालांकि सर्जरी सफल रही लेकिन युवक फिर भी कभी पिता नहीं बन सकेगा क्योंकि वह ‘एजूर्स्पमिया’ से ग्रस्त है. इसमें पुरुष के सीमेन में स्पर्म नहीं होता है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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