कड़वे नीम में हैं कई औषधीय गुण, जानें आपके लिए भी हो सकती है उपयोगी

नीम किसी औषधि से कम नहीं है और कई बीमारियों के इलाज में इसका इस्तेमाल किया जाता है. किसी को चिकनपॉक्स निकल आये, तो उसे नीम के पत्ते पानी में डालकर नहलाया जाता है. नीम की पत्तियों में और भी कई गुण हैं, जो आपको कई रोगों से बचाते हैं. -नीम की पत्तियां कील-मुंहासे और […]

नीम किसी औषधि से कम नहीं है और कई बीमारियों के इलाज में इसका इस्तेमाल किया जाता है. किसी को चिकनपॉक्स निकल आये, तो उसे नीम के पत्ते पानी में डालकर नहलाया जाता है. नीम की पत्तियों में और भी कई गुण हैं, जो आपको कई रोगों से बचाते हैं.

-नीम की पत्तियां कील-मुंहासे और फोड़े-फुंसियों के इलाज में भी सहायक होती हैं.

-अगर आप प्रतिदिन सुबह नीम की महज 4 पत्तियां भी चबाएं, तो मुंह की देखभाल की जा सकती है.
-नीम की छाल का उपयोग मलेरिया, पेट और अल्सर, त्वचा रोग, दर्द और बुखार के लिए किया जाता है.

-इसका इस्तेमाल कुष्ठ रोग, नेत्र विकार, नकसीर, आंतों के कीड़े, पेट की खराबी, भूख न लगना, हृदय रोग, बुखार, मधुमेह, मसूड़ों की बीमारी के लिए किया जाता है.

-नीम की जड़ या पत्ते का अर्क त्वचा पर लगाने से काली मक्खियों को हटाने में मदद मिलती है.

-अगर अल्सर से पीड़ित हैं, तो इसके लिए नीम की छाल का 30-60 मिलीग्राम अर्क 10 हफ्ते तक दिन में दो बार लें. इससे पेट और आंतों के अल्सर को ठीक किया जा सकता है. उपयोग से पहले आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह जरूर लें.

-12 हफ्ते तक नीम का अर्क सेवन करने के साथ रोजाना सूर्य के संपर्क और कोलतार और सैलिसिलिक एसिड क्रीम लगाने से लोगों में सोरायसिस के लक्षणों की गंभीरता कम हो सकती है.

-नीम के पत्तों का अर्क दांतों और मसूड़ों पर 6 हफ्ते तक रोजाना लगाने से प्लाक बनना कम हो सकता है. यह मुंह में बैक्टीरिया को कम करता है.

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