50 प्रतिशत मामलों में पति-पत्नी के विवाद का कारण न्यूक्लियर फैमिली

जुही स्मितापटना : जहां एक ओर ज्वाइंट फैमिली का कल्चर खत्म हो रहा है, वहीं न्यूक्लियर फैमिली में कपल्स में दूरियां भी बढ़ती जा रही हैं. अब कपल्स ज्वाइंट फैमिली से यह सोच कर अलग होते हैं कि वें पूरी आजादी के साथ अपनी जिंदगी बितायेंगे लेकिन ऐसा नहीं हो पा रहा है. शहर में […]

जुही स्मिता
पटना :
जहां एक ओर ज्वाइंट फैमिली का कल्चर खत्म हो रहा है, वहीं न्यूक्लियर फैमिली में कपल्स में दूरियां भी बढ़ती जा रही हैं. अब कपल्स ज्वाइंट फैमिली से यह सोच कर अलग होते हैं कि वें पूरी आजादी के साथ अपनी जिंदगी बितायेंगे लेकिन ऐसा नहीं हो पा रहा है. शहर में मौजूद महिला हेल्पलाइन में ऐसे मामले देखने को मिल रहे हैं. यहां आने वाले मामलों में से 50 प्रतिशत मामले ऐसे कपल्स के होते हैं जो ज्वाइंट फैमिली से अलग होकर रह रहे हैं.

क्या है कारण: आज शिक्षा, कानून और आजादी ने हर किसी की जिंदगी को एक नयी दिशा तो दी है लेकिन साथ ही परेशानियां भी बढ़ा दी है. ज्वाइंट फैमिली में रहने से जो मोरल वैल्यू और एक पारिवारिक लगाव का बोध होता था वह अब समाप्त हो चुका है. आज के युवा का मानना है कि आजादी का मतलब ही है फैमिली से अलग रहना. वर्किंग है तो एडजस्टमेंट और धैर्य की कमी भी एक कारण है.

न्यूक्लियर फैमिली में कपल्स स्वतंत्र व स्वच्छंद हो जाते हैं, लेकिन बड़े लोगों का साथ नहीं होने की वजह से रिश्ते में दरार और दूरियां बढ़ने लगती है. हम काउंसेलिंग में उन्हें अपने परिवारों के साथ रहने की सलाह देते हैं.
प्रमिला कुमारी, प्रोजेक्ट मैनेजर, महिला हेल्पलाइन

अब ज्वाइंट फैमिली का कल्चर खत्म हो रहा है और न्यूक्लियर फैमिली का चलन बढ़ा है. न्यूक्लियर फैमिली में अगर दोनों वर्किंग है तो काम का तनाव और एक-दूसरे का साथ कॉर्डिनेशन होना जरूरी है.
-डॉ रंधीर कुमार सिंह, समाज शास्त्री

ज्वाइंट फैमिली से अलग होते ही सारी जिम्मेदारी कपल्स पर आ जाती है. न्यूक्लियर फैमिली में रहने की वजह से अगर झगड़ा होता है उसे सुलझाने वाले कोई बड़ा नहीं होता है. आज के यंग कपल्स को आजादी तो चाहिए लेकिन मेहनत नहीं करना चाहते हैं.
डॉ बिंदा सिंह, मनोचिकित्सक

पटना सिटी के रहने वाले राम(काल्पनिक नाम) पारिवारिक दिक्कतों के कारण अपनी पत्नी के साथ सिपारा में रहने लगे. विचारों में टकराव के कारण कुछ समय के बाद दोनों में लड़ाई भी शुरू हो गयी. काउंसेलिंग के दौरान पता चला कि पत्नी अपने दोस्तों और मायके में समय ज्यादा बिताती थी जो राम को पसंद नहीं था. फिलहाल काउंसेलिंग जारी है.

दानापुर की रहने वाली रूबीना(काल्पनिक नाम)पेशे ले वकील है और अपनी जॉब के कारण पति के साथ ससुराल से अलग रहने लगी.जब दोनों में काफी लड़ाईयां होने लगी तब मामला हेल्पलाइन पहुंचा. इसके बाद दोनों की काउंसेलिंग की गयी. जिसके बाद कपल अब अपने परिवार के साथ वापस से रहने लगे.

ज्वाइंट फैमिली के रहने वाले राज(काल्पनिक नाम) अपनी पत्नी की वजह से अपना घर छोड़ बोरिंग रोड में रहने लगे. शुरुआत में दोनों खुश थे. जब राज पिता बनने वाले थे तो उन्होंने अपनी मां को अपने पास रहने के लिए बुला दिया. जिसके बाद अक्सर सास बहू में झगड़ा होने लगा. इनकी भी काउंसेलिंग जारी है.

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