जानें दादी-नानी के कुछ घरेलू नुस्खे

तुलसी के पत्ते में त्वचा की जलन को कम करने की क्षमता होती है. खुजली होने पर तुलसी के कुछ पत्तों को लेकर उन्हें प्रभावित क्षेत्र पर रगड़ें. तुलसी के पत्तों की चाय बना कर उसे खुजली वाले स्थान पर लगाने से भी लाभ होता है. मुलेठी को चबाने से गले की समस्याओं से राहत […]

तुलसी के पत्ते में त्वचा की जलन को कम करने की क्षमता होती है. खुजली होने पर तुलसी के कुछ पत्तों को लेकर उन्हें प्रभावित क्षेत्र पर रगड़ें. तुलसी के पत्तों की चाय बना कर उसे खुजली वाले स्थान पर लगाने से भी लाभ होता है.

मुलेठी को चबाने से गले की समस्याओं से राहत मिलती है. मौसम परिवर्तन के कारण गले में दर्द या खराश की समस्या से निजात के लिए मुलेठी का चूर्ण मुंह में रख कर चूसने से आपको काफी आराम मिलेगा.

लौंग एंटीबैक्टीरियल गुणों से भरपूर होती है. जब भी आपको गले की खराश महसूस हो, लौंग चबाएं. आपको फायदा मिलेगा.

गुनगुने पानी में एक या दो बड़े चम्मच शहद मिलाएं और इसे दिन में तीन-चार बार पीएं. गले की खराश दूर होगी. रात को सोने से पहले एक चम्मच शहद भी लें.

गले में सूजन या दर्द महसूस हो तो एक गिलास गरम पानी में नमक मिला कर गरारा करें.

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