सांस फूलने की बीमारी में अक्सर लोग बुजुर्गों को आराम की सलाह देते हैं, जिससे उनकी एक्टिविटी कम हो जाती है और मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं.
लगातार बेड रेस्ट से रोग कम होने के बजाय बढ़ता जाता है. डॉक्टरों की मानें तो बुजुर्गों को ज्यादा से ज्यादा एक्टिव रखना सही है. नवंबर से फरवरी के बीच 30 फीसदी तक सांस के मरीजों की परेशानी बढ़ जाती है. बड़ा कारण सर्दी, प्रदूषण और इन्फेक्शन है.
इस मौसम में तीन गुना ज्यादा मरीज अस्पताल में एडमिट होते हैं. ऐसे 10 मरीजों में से एक की मौत COPD से हो जाती है. मरीजों को हफ्ते में चार बार 30-30 मिनट की एक्टिविटी करनी चाहिए. जो लोग रोज पांच हजार कदम चलते हैं या तेज चलते हैं, उनमें यह बीमारी 50 फीसदी तक कम हो जाती है.
