क्या बुढ़ापे से डरते हैं, तो जरूर पढ़ें यह खबर...

बर्लिन : जिंक को वाइन, कॉफी, चाय और चॉकलेट जैसी खाने-पीने की चीजों में पाए जाने वाले पदार्थों के साथ लिया जाए तो वह ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस से बचाने में मददगार साबित हो सकता है.एक अध्ययन में ऐसा दावा किया गया है.जर्मनी की एरलान्जन-न्यूरमबर्ग यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने कहा कि बुढ़ापे और जीवन प्रत्याशा घटने के […]


बर्लिन :
जिंक को वाइन, कॉफी, चाय और चॉकलेट जैसी खाने-पीने की चीजों में पाए जाने वाले पदार्थों के साथ लिया जाए तो वह ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस से बचाने में मददगार साबित हो सकता है.एक अध्ययन में ऐसा दावा किया गया है.जर्मनी की एरलान्जन-न्यूरमबर्ग यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने कहा कि बुढ़ापे और जीवन प्रत्याशा घटने के पीछे कुछ हद तक ऑक्सिडेटिव तनाव जिम्मेदार होता है.

इस अध्ययन में पाया गया कि जिंक एक जैविक अणु को सक्रिय करता है जो ऑक्सिडेटिव तनाव से बचाने में कारगर है.एरलान्जन-न्यूरमबर्ग यूनिवर्सिटी के इवानोवी बर्माजोव ने कहा, “यह निश्चित तौर पर संभव है कि वाइन, कॉफी, चाय या चॉकलेट भविष्य में जिंक के साथ उपलब्ध हों।” जिंक एक ऐसा खनिज है जिसकी थोड़ी सी मात्रा की, मनुष्य को स्वस्थ रहने के लिए जरूरत पड़ती है.यह अध्ययन नेचर केमिस्ट्री पत्रिका में प्रकाशित हुआ है.

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