डेंगू को न करें नजरअंदाज

जर्नल ऑफ द एसोसिएशन ऑफ फिजिसियंस ऑफ इंडिया में प्रकाशित स्टडी में एम्स के डॉक्टरों का कहना है कि अगर किसी क्षेत्र या इलाके में डेंगू बहुत ज्यादा फैला हुआ हो, तो ऐसी जगह पर मरीजों में अगर ल्युकोपीनिया यानी वाइट सेल्स काउंट में कमी और प्लेटलेट्स काउंट में कमी देखी जाये, तो बुखार न […]

जर्नल ऑफ द एसोसिएशन ऑफ फिजिसियंस ऑफ इंडिया में प्रकाशित स्टडी में एम्स के डॉक्टरों का कहना है कि अगर किसी क्षेत्र या इलाके में डेंगू बहुत ज्यादा फैला हुआ हो, तो ऐसी जगह पर मरीजों में अगर ल्युकोपीनिया यानी वाइट सेल्स काउंट में कमी और प्लेटलेट्स काउंट में कमी देखी जाये, तो बुखार न होने पर भी मरीज के डेंगू की जांच की जानी चाहिए.
शुरुआत में सामान्य-सा लगनेवाला डेंगू बुखार देरी या गलत इलाज से जानलेवा साबित हो सकता है. डेंगू बरसात के मौसम और उसके फौरन बाद के महीनों यानी जुलाई से अक्तूबर में सबसे ज्यादा फैलता है. जरूरी है कि खुद को और परिवार को मच्छरों से बचाएं. डेंगू उचित इलाज से दूर किया जा सकता है.

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