श्रीपति त्रिपाठी , पटना
आप किसी देश की छवि को किताबों में लिखे तथ्यों से नहीं गढ़ सकते हैं और न ही प्रसार माध्यमों में आ रही खबरों से ही वहां के बारे में आकलन कर सकते हैं. इसके लिए आपको वहां की सैर करनी होगी. वहां घूमना होगा. लोगों से बात करनी होगी. वहां की सोसाइटी में घुलना मिलना होगा. इसके बाद ही उस देश की सही तस्वीर आप गढ़ सकते हैं. जब मैं मलयेशिया पहुंचा तो मुझे कई एेसी बातों का अनुभव हुआ जिसने मेरी दृष्टि खोल दी. मलयेशिया में शासक मुस्लिम हैं लेकिन आपको यहां यह महसूस नहीं होगा कि आप किसी मुस्लिम देश में हैं. लोग काफी सुशोभित संस्कारी भाषाओं का प्रयोग करते हैं, आप किसी के साथ दुर्व्यवहार नहीं कर सकते हैं, अपने यहां अक्सर हिंदू-मुस्लिम विवाद होते रहते हैं लेकिन यह आपको जानकर हैरानी होगी कि मलयेशिया मुस्लिम बहुल देश होने के बावजूद यहां पर कभी भी हिंदू-मुस्लिम या अन्य किसी भी धार्मिक झगड़े
दंगा फसाद नहीं होते. मुझे लगता है कि हम हिंदुस्तानियों को वहां से सीख लेनी चाहिए. मेरी यात्रा जयपुर से एयर एशिया की फ्लाइट से शुरू हुई. मलयेशिया की राजधानी कुआलालांपुर से विदेशी यात्रा शुरू हुई. दक्षिण-पूर्वी एशिया में स्थित संघीय देश मलयेशिया में बारह मास उत्सव चलता रहता है.
यूं कहें कि मलयेशिया के लोगों की
ऊर्जा वहां होनेवाले उत्सवों के कारण होती है.
कहो ना प्यार है व अशोका फिल्म की हुई है शूटिंग
कुआलालांपुर से लंकावी वायुयान से आने में करीब एक घंटा लगा. यहां खूबसूरत आइलैंड हैं. यहीं पर कहो ना प्यार है एवं अशोका इत्यादि कई फिल्मों की शूटिंग हुई है. जगह रमणीय एवं रोमांचकारी है. आपको बता दें कि मलेशिया का यह एक द्वीप समूह है जो पर्यटन के लिये विशिष्ट रूप से जाना जाता है. इसमें 104 द्वीप हैं, जो मलेशिया की मुख्य भूमि से 30 किमी उत्तर-पश्चिम में स्थित है. जब समुद्र का पानी उतार पर होता है तो पांच और द्वीप सतह पर आ जाते हैं. यह मलयेशिया के केदाह राज्य का भाग है. मलय प्रायद्वीप पर स्थित इसकी राजधानी है कुआलालांपुर जहां से 13 राज्य व तीन संघीय प्रदेश की प्रशासनिक बागडोर संभाली जाती है.
‘मलय’ शब्द का अर्थ होता है ‘पहाड़ों की भूमि’
मलयेशिया में प्रकृति को करीब से महसूस किया जा सकता है. यहां की सांस्कृतिक, भौगोलिक और जैव विविधता को देख आप भी मंत्रमुग्ध हो जायेंगे. आपको बता दें कि ‘मलय’ शब्द का संस्कृत में अर्थ होता है: ‘पहाड़ों की भूमि’. यहां बाहर से चमकते-दमकते शहर दिखाई देते हैं और काम-काज में व्यस्त साधारण जनमानस भी. यूं कहें कि यह देश विविधताओं से भरा है, जहां जीवन अपने अलग-अलग रंगों में धड़कता है. मलयेशिया दो हिस्सों में बंटा है- ईस्ट मलेशिया और वेस्ट मलयेशिया. मलयेशिया और भारत में एक समानता यह है कि ये दोनों कॉमनवेल्थ नेशन हैं.
मलयेशिया के खूबसूरत पर्यटन स्थल
जेंटिंग पहाड़ी : इसे ‘लॉस वेगास ऑफ मलेशिया’ और ‘सिटी ऑफ इंटरटेनमेंट’ भी कहा जाता है.
बाटु गुफाएं : हिंदुओं के लिए यह जगह पवित्र मानी जाती है. यह जगह थाईपुसम त्योहार के लिए प्रसिद्ध है.
पेट्रोनॉस ट्विन टॉवर : 88 मंजिला यह इमारत वर्ष 2004 तक दुनिया की सबसे ऊंची इमारत थी और आज भी दुनिया की सबसे ऊंची जुड़वां मीनार है.
पेनांग : यह एक धार्मिक आकर्षण का स्थल है. यहां कई संग्रहालय और गैलरी देखने लायक हैं.
मलक्का : यह मलेशिया का सबसे प्राचीन ऐतिहासिक शहर है. यहां चीनी, पुर्तगाली, डच और ब्रिटिश प्रभावों का दिलचस्प मिश्रण देखने को मिलता है. यहां भगवान राम की भी विशालकाय प्रतिमा है.
