इंसान को आदिमानव से मिली वायरल बीमारियों से लड़ने की क्षमता

बोस्टन : आधुनिक समय में मनुष्यों को हेपेटाइटिस और इन्फ्लुएंजा जैसी वायरल बीमारियों से लड़ने की आनुवांशिक क्षमता आदिमानवों से मिली है. एक अध्ययन में यह पाया गया है कि 50,000 साल पहले जब दोनों नस्लों का संकरण हुआ था, तो मनुष्यों में यह आनुवांशिक गुण आ गया. आदिमानव रहस्यमयी तरीके से करीब 40,000 साल […]

बोस्टन : आधुनिक समय में मनुष्यों को हेपेटाइटिस और इन्फ्लुएंजा जैसी वायरल बीमारियों से लड़ने की आनुवांशिक क्षमता आदिमानवों से मिली है. एक अध्ययन में यह पाया गया है कि 50,000 साल पहले जब दोनों नस्लों का संकरण हुआ था, तो मनुष्यों में यह आनुवांशिक गुण आ गया.

आदिमानव रहस्यमयी तरीके से करीब 40,000 साल पहले लुप्त हो गये थे, लेकिन विलुप्त होने से पहले उन्होंने मनुष्य की अन्य नस्लों के साथ संकरण किया, जो वैश्विक तौर पर इसके फैलने की शुरुआत थी.

इन प्राचीन संकरण के परिणामस्वरूप आज कई आधुनिक यूरोपीय और एशियाई मनुष्यों के जीन के समूह में करीब दो फीसदी डीएनए आदिमानव का है.

अमेरिका में स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के प्रोफेसर दिमित्रि पेत्रोव ने कहा, ‘हमारे अध्ययन में पता चला कि आदिमानव के जीन से वायरसों के खिलाफ हमें सुरक्षा मिल सकी है. हमारे पूर्वज अफ्रीका छोड़ते समय इन वायरसों की चपेट में आयेथे.’

एरिजोना विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर डेविड एनार्ड ने कहा, ‘आधुनिक मानव और आदिमानवों का करीबी संबंध है. इस निकटता का यह भी मतलब है कि आदिमानव इन वायरसों के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता हमें भी दे सकते.’ यह अध्ययन पत्रिका सेल में प्रकाशित हुआ है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >