आपकी रातों की नींद उड़ा रहा है तेज इंटरनेट...!

लंदन: इंटरनेट की तेज गति के लिए ब्रॉडबैंड, वाई-फाई जैसे जरियों का सहारा लेनेवालों के लिए बुरी खबर है. एक नये अध्ययन में दावा किया गया है कि तेज गति के इंटरनेट का इस्तेमाल, आप कैसी और कितनी नींद लेते हैं, इसे प्रभावित कर सकता है. इस शोध में देखा गया कि जो लोग डिजिटल […]

लंदन: इंटरनेट की तेज गति के लिए ब्रॉडबैंड, वाई-फाई जैसे जरियों का सहारा लेनेवालों के लिए बुरी खबर है. एक नये अध्ययन में दावा किया गया है कि तेज गति के इंटरनेट का इस्तेमाल, आप कैसी और कितनी नींद लेते हैं, इसे प्रभावित कर सकता है.

इस शोध में देखा गया कि जो लोग डिजिटल सब्सक्राइबर लाइन (डीएसएल) का प्रयोग करते हैं, वह डीएसएल इंटरनेट नहीं इस्तेमाल करने वालों की तुलना में 25 मिनट कम नींद ले पाते हैं.

डीएसएल एक ऐसी तकनीक है जो साधारण तांबे की टेलीफोन तारों की बजाय ज्यादा बैंडविथ के इंटरनेट को घरों और छोटे कारोबारों तक पहुंचाता है.

इटली के बोकोनी यूनिवर्सिटी और अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ पिट्सबर्ग के शोधकर्ताओं ने बताया कि तेज गति के इंटरनेट के प्रयोग से उन लोगों में नींद की अवधि और नींद पूरी होने की संतुष्टि घटती है जो सुबह में काम या पारिवारिक कारणों के लिए समय नहीं निकाल पाते.

बोकोनी यूनिवर्सिटी के प्राध्यापक फ्रांसेस्को बिल्लारी ने कहा, डीएसएल इंटरनेट इस्तेमाल करनेवाले लोग बिना डीएसएल के इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों के मुकाबले 25 मिनट कम सोते हैं.

बिल्लारी ने कहा, ऐसे लोग सात से नौ घंटे की नींद नहीं ले पाते और वह अपनी नींद से संतुष्ट भी नहीं हो पाते. वैज्ञानिक समुदाय सात से नौ घंटे की नींद लेने को जरूरी बताता है. यह शोध जर्नल ऑफ इकोनॉमिक बिहेवियर एंड ऑर्गनाइजेशन पत्रिका में प्रकाशित हुआ है.

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