Research: कभी-कभी अच्छा भी होता है खराब मूड, बढ़ती है काम करने की क्षमता

टोरंटो : खराब मूड कुछ लोगों के काम-काज करने की क्षमता को बेहतर बना सकता है जिसमें ध्यान केंद्रित करने, वक्त प्रबंधन और कामों की प्राथमिकता तय करने आदि की क्षमताएं शामिल हैं. जर्नल ‘पर्सनालिटी एंड इंडीविजुअल डिफरेंसेज’ में प्रकाशित शोध में यह भी पाया गया कि कुछ मामलों में काम-काज करने पर अच्छे मूड […]

टोरंटो : खराब मूड कुछ लोगों के काम-काज करने की क्षमता को बेहतर बना सकता है जिसमें ध्यान केंद्रित करने, वक्त प्रबंधन और कामों की प्राथमिकता तय करने आदि की क्षमताएं शामिल हैं.

जर्नल ‘पर्सनालिटी एंड इंडीविजुअल डिफरेंसेज’ में प्रकाशित शोध में यह भी पाया गया कि कुछ मामलों में काम-काज करने पर अच्छे मूड का नकारात्मक प्रभाव पड़ता है.

कनाडा की वॉटरलू यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने पता लगाया कि क्या हमारी भावनात्मक प्रतिक्रियाएं यह तय करती हैं कि किस तरह हमारा मूड सोचने समझने के कौशल को प्रभावित करता है.

शोध में 95 प्रतिभागी शामिल हुए. सभी ने नौ अलग-अलग काम किये और प्रश्नावली पूरी की. इनके आधार पर मूड, भावनात्मक प्रतिक्रिया और विभिन्न कामकाजी स्मरण शक्ति और विश्लेषणात्मक चुनौतियों की परस्पर क्रिया का आकलन किया गया.

वॉटरलू यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर तारा मैकऑले ने कहा कि हमारे परिणामों में पता चला कि कुछ लोगों के लिए खराब मूड दरसअल उनकी सोचने समझने की क्षमता को धार देने का काम करता है, ऐसी क्षमताएं जो प्रतिदिन के जीवन के लिए महत्वपूर्ण हैं.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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