जानें दादी-नानी के घरेलू नुस्‍खों के बारे में, रहें स्‍वस्‍थ

दैनिक जीवन में लोग कई छोटी-छोटी समस्याओं का सामना करते हैं और इलाज के तौर पर एलोपैथिक दवाएं लेते हैं. इसका साइड इफेक्ट भी हो सकता है, जबकि बुजुर्गों के बताये कई नुस्खे हैं, जो सदियों से आजमाये जा रहे हैं और बेहद प्रभावी भी हैं. जानिए कुछ उपाय. यदि शरीर का कोई घाव ठीक […]

दैनिक जीवन में लोग कई छोटी-छोटी समस्याओं का सामना करते हैं और इलाज के तौर पर एलोपैथिक दवाएं लेते हैं. इसका साइड इफेक्ट भी हो सकता है, जबकि बुजुर्गों के बताये कई नुस्खे हैं, जो सदियों से आजमाये जा रहे हैं और बेहद प्रभावी भी हैं. जानिए कुछ उपाय.
यदि शरीर का कोई घाव ठीक नहीं हो रहा हो, तो इमली की पत्तियों को पीसकर उसका रस घाव पर लगाएं. घाव जल्दी भर जायेगा. इसके एंटीसेप्टिक तत्व संक्रमण से बचाव करते हैं.
मधुमेह रोग में इमली की पत्तियां कारगर औषधि है. पत्तियों के सेवन से शरीर में इंसुलिन का प्रभाव संतुलित होता है और शूगर लेवल नियंत्रण में आ जाता है.
बच्चे को दांत आ रहे हों, तो एक गिलास पानी में दो चम्मच सौंफ डालकर उबाल लें और छानकर थोड़ा-थोड़ा पिलाएं. दिन में तीन बार देने से राहत मिलेगी.
तुलसी के पत्ते का थोड़ा रस निकालकर शहद के साथ मिलाएं और बच्चे को कुछ दिनों तक सेवन कराएं. इससे दांत आने की समस्याएं दूर होंगी.

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