आये दिन दूध में मिलावट की खबरें आती हैं, जो स्वास्थ्य से हानिकारक है. हाल ही में ऐसी डिवाइस आयी है, जिससे लोग बड़ी आसानी से दूध की मिलावट को पकड़ पायेंगे. इस डिवाइस को इस्तेमाल करना भी आसान है और यह बेहद सस्ती भी है. इस डिवाइस को पब्लिक सेक्टर रिसर्च बॉडी कॉन्सिल ऑफ […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
आये दिन दूध में मिलावट की खबरें आती हैं, जो स्वास्थ्य से हानिकारक है. हाल ही में ऐसी डिवाइस आयी है, जिससे लोग बड़ी आसानी से दूध की मिलावट को पकड़ पायेंगे. इस डिवाइस को इस्तेमाल करना भी आसान है और यह बेहद सस्ती भी है. इस डिवाइस को पब्लिक सेक्टर रिसर्च बॉडी कॉन्सिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च यानी CSIR ने विकसित किया है.
इसका नाम है ‘शीर टेस्टर’ (ksheer tester). इस छोटी-सी डिवाइस से दूध में यूरिया, नमक, डिटर्जेंट, साबुन, सोडा, बोरिक ऐसिड और यहां तक कि हाइड्रोजन पेरॉक्साइड की मिलावट का भी पता लगाया जा सकता है. इसकी कीमत 5 हजार रुपये से भी कम है और महज 60 सेकेंड में दूध में मिलावट के नतीजे बता देती है.
हालांकि दूध में मिलावट को पकड़ने के लिए पहले से कुछ तकनीक आ चुकी हैं, मगर वे काफी महंगी हैं. इस डिवाइस के आ जाने से आम लोगों को लाभ होगा. सीएसआइआर के फाउंडेशन डे के मौके पर राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने शीर टेस्टर डिवाइस को जारी किया. जिसे जल्द आम लोगों के लिए उपलब्ध करा दिया जायेगा.
इसके साथ ही सीएसआइआर ने वॉटरलेस क्रोम टैनिंग का उद्घाटन किया. इसका इस्तेमाल जानवरों की खाल और चमड़ी को प्रोसेस करने में किया जायेगा. यह चमड़ा कारखानों से निकलनेवाले दूषित जल द्वारा उत्सर्जित क्रोमियम के प्रदूषण को न्यूनतम करने में कारगर होगा.