17 वर्षीय छात्र सिद्धार्थ ने महिला सुरक्षा के लिए बनाया इलेक्ट्रो शू

नेशनल कंटेंट सेलहैदराबाद के 17 वर्षीय छात्र सिद्धार्थ ने एक ऐसा जूता बनाया है. जिससे महिला के साथ ज्यादती करने पर 0.1 एम्पियर का करंट लगेगा. इसमें ऐसा सेंसर लगा है जो महिला के साथ किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना होने पर उनके परिजनों को महिला की सटीक लोकेशन की जानकारी देगा. इस जूते […]

नेशनल कंटेंट सेल
हैदराबाद के 17 वर्षीय छात्र सिद्धार्थ ने एक ऐसा जूता बनाया है. जिससे महिला के साथ ज्यादती करने पर 0.1 एम्पियर का करंट लगेगा. इसमें ऐसा सेंसर लगा है जो महिला के साथ किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना होने पर उनके परिजनों को महिला की सटीक लोकेशन की जानकारी देगा. इस जूते का नाम सिद्धार्थ ने इलेक्ट्रो शू रखा है. यह फिजिक्स के पिजोइलेक्टिरिक कंसेप्ट पर काम करता है. निर्भया कांड से व्यथित छात्र ने महिला सुरक्षा के मद्देनजर इस जूते का निर्माण किया है.

तब वह 12 वर्ष का था, उसी वक्त उसने ठानी की महिलाओं की सुरक्षा के लिए वह कुछ जरूर करेगा. इसके बाद उसने अपने दोस्त अभिषेक व इंटरनेट की मदद से महिलाओं के लिए यह खास जूता बनाया. अभिषेक का कहना है कि जूता बनाने के दौरान उसे कई प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ा. वह अपने प्रयोग में 17 बार फेल हुआ और आखिरकार उसने यह जूता बनाने में कामयाबी हासिल की. दो साल की कड़ी मेहनत के बाद वह यह जूता बनाने में कामयाब हुआ. सिद्धार्थ का दावा है कि यह जूता लड़कियों के साथ होनेवाले रेप जैसे घिनौने अपराध से उन्हें निजात दिलायेगा.

उन्होंने इसका प्रयोग लड़कियों पर करके देखा है. यह देखने में आम जूते जैसा ही लगता है और पहनने में सुविधाजनक है. जल्द ही सिद्धार्थ इसे महिलाओं तक पहुंचाना चाहते हैं ताकि महिलाएं इसका लाभ ले सकें.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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