Manmohan Singh Death: किस बीमारी से हुई पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की मौत?

Manmohan Singh Death: 26 दिसंबर रात 9 बजकर 51 मिनट पर देश के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का दिल्ली के एम्स में निधन हो गया. वे 92 साल के थे और लंबे समय से बीमार चल रहे थे.

Manmohan Singh Death: 26 दिसंबर, गुरूवार रात के 9 बजकर 51 मिनट पर देश के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का निधन हो गया है. वे 92 साल के थे और उनका इलाज दिल्ली के एम्स में चल रहा था. डॉक्टर्स के अनुसार उन्हें उम्र से जुड़ी मेडिकल कंडीशन थी. केवल यहीं नहीं, इनकी कॉन्शियसनेस भी अचानक चली गयी थी. सामने आयी जानकारी के अनुसार मनमोहन सिंह को रेस्पिरेटरी डिजीज यानी कि सांस लेने से जुड़ी समस्या थी. बता दें जब किसी भी व्यक्ति को रेस्पिरेटरी प्रॉब्लम्स होती है तो ऐसे में उसे सांस लेने में काफी परेशानी होती है. चलिए इस बीमारी के बारे में जानते हैं विस्तार से.

क्यों करवानी पड़ती है बायपास सर्जरी?

एक्सपर्ट्स की अगर माने तो किसी भी इंसान को बायपास सर्जरी तब करवानी पड़ती है जब उसके हार्ट में ब्लॉकेज का पता चलता है. आपकी जानकारी के लिए बता दें मनमोहन सिंह एक लंबे समय से हार्ट से जुड़ी बीमारियों से जूझ रहे थे और 1990 में उन्हें पहली बार अपनी बायपास सर्जरी करवानी पड़ी थी. केवल यहीं नहीं, साल 2003 में उन्हें एंजियोप्लास्टी भी करवानी पड़ी थी.

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इस चीज में मदद करता है बायपास सर्जरी

कोरोनरी आर्टरीज में ब्लड सर्कुलेशन को ठीक करने के लिए किसी भी इंसान की बायपास सर्जरी की जाती है. अगर ये सर्जरी सफल रहती है तो ब्लड और ऑक्सीजन दोनों ही चीजों को आपके दिल तक पहुंचने में आसानी होती है. आसान शब्दों में कहें तो बायपास सर्जरी के सफल होने के बाद एक आदमी पूरी तरह से हेल्दी लाइफ जी सकता है.

क्या है रेस्पिरेटरी डिजीज का मुख्य कारण?

जब किसी भी व्यक्ति को रेस्पिरेटरी डिजीज होता है तो उसके फेंफड़ों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ता है. यह बीमारी रेस्पिरेटरी से जुड़ी अन्य चीजों पर भी काफी बुरा प्रभाव डाल सकती है. इस बीमारी के पीछे कई कारण हो सकते हैं जिनमें से इन्फेक्शन, स्मोकिंग, एयर पॉल्यूशन, पैसिव स्मोकिंग, रेडोन के डस्ट को सांस के माध्यम से अंदर लेना मुख्य कारण हो सकते हैं.

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By Saurabh poddar

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