Which Direction to Keep Diya: घर के मंदिर में पूजा-पाठ के दौरान दीपक जलाने की परंपरा सदियों पुरानी है. माना जाता है कि दीपक की रोशनी घर से नकारात्मकता दूर करने और सकारात्मक माहौल बनाने का प्रतीक है. वास्तुशास्त्री बाबा बिमलेश के अनुसार, पूजा में दीपक जलाने के साथ उसकी दिशा का भी खास ध्यान रखना चाहिए.
वास्तु और धार्मिक मान्यताओं में दीपक रखने की कुछ दिशाओं (Which Direction to Keep Diya) को शुभ माना गया है, जबकि कुछ दिशाओं को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है. अगर आप भी रोज पूजा के समय दीपक जलाते हैं, तो जान लीजिए इसे किस दिशा में रखना बेहतर माना जाता है.
पूर्व दिशा में दीपक रखना माना जाता है शुभ
वास्तु मान्यताओं के अनुसार पूजा के दीपक के लिए पूर्व दिशा को शुभ माना जाता है. पूर्व दिशा का संबंध उगते हुए सूर्य से माना जाता है और इसे नई ऊर्जा और सकारात्मकता से जोड़कर देखा जाता है. मान्यता है कि इस दिशा में दीपक रखने से घर का वातावरण सकारात्मक बना रहता है. पूजा के दौरान दीपक की लौ पूर्व दिशा की ओर हो, तो इसे भी शुभ माना जाता है.
उत्तर दिशा का भी है खास महत्व (Which Direction to Keep Diya)
उत्तर दिशा को भी दीपक रखने के लिए शुभ दिशाओं में गिना जाता है. वास्तु में उत्तर दिशा का संबंध कुबेर से माना जाता है. इसी वजह से कई घरों में पूजा के दौरान दीपक को इस तरह रखा जाता है कि उसकी लौ उत्तर दिशा की ओर रहे. धार्मिक मान्यताओं में इसे सुख-समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है.
दक्षिण दिशा में दीपक रखने को लेकर क्या मान्यता है?
दक्षिण दिशा को लेकर धार्मिक मान्यताएं थोड़ी अलग हैं. आमतौर पर रोज की पूजा में दीपक की लौ दक्षिण दिशा की ओर रखने से बचने की सलाह दी जाती है. हालांकि अलग-अलग परंपराओं और पूजा विधियों में इसके नियम अलग हो सकते हैं.
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