Vastu Tips For Eating Food: भागदौड़ भरी इस जिंदगी में हम क्या खा रहे हैं, इस पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन कैसे, कहां और किस दिशा में बैठकर खा रहे हैं, इसे बिल्कुल भूल जाते हैं. सनातन परंपरा और आयुर्वेद में माना गया है कि भोजन सिर्फ पेट भरने का जरिया नहीं है, बल्कि यह हमारे शरीर को ऊर्जा और सकारात्मकता देने का एक जरिया है. गलत तरीके से खाया गया पौष्टिक भोजन भी शरीर को बीमार कर सकता है. आइए जानते हैं कि आयुर्वेद और हमारी प्राचीन परंपराओं के अनुसार खाना खाने का सही तरीका, सही स्थान और सही दिशा क्या होनी चाहिए.
Vastu Tips For Eating Food: खाना खाने की सही दिशा कौन सी है?
दिशाओं का हमारे शरीर की ऊर्जा पर बहुत बड़ा असर पड़ता है. भोजन करते समय आपका मुख किस दिशा में है, यह बहुत मायने रखता है:
- पूर्व दिशा: भोजन करने के लिए पूर्व दिशा को सबसे उत्तम माना गया है. इस दिशा को देवताओं की दिशा कहा जाता है. पूर्व दिशा की ओर मुंह करके खाना खाने से बीमारियां दूर रहती हैं, मानसिक तनाव कम होता है और आयु बढ़ती है. विद्यार्थियों के लिए इस दिशा में बैठना बहुत फायदेमंद है.
- उत्तर दिशा: अगर आप धन, विद्या या करियर में सफलता चाहते हैं, तो उत्तर दिशा की ओर मुख करके भोजन करें. यह दिशा माता लक्ष्मी और कुबेर की मानी जाती है, जिससे जीवन में समृद्धि आती है.
- पश्चिम दिशा: इस दिशा को मध्यम माना गया है. जो लोग केवल अपने काम से मतलब रखते हैं या व्यापार करते हैं, उनके लिए यह दिशा ठीक है, लेकिन स्वास्थ्य के लिहाज से इसे बहुत बेहतर (Vastu Tips For Eating Food) नहीं माना जाता.
- दक्षिण दिशा: भूलकर भी दक्षिण दिशा की ओर मुख करके खाना न खाएं. इसे यम और पितरों की दिशा माना जाता है. इस दिशा में बैठकर खाने से पाचन तंत्र कमजोर होता है, बीमारियां घेरती हैं और शरीर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है.
Vastu Tips For Eating Food: भोजन करने का सही स्थान क्या होना चाहिए?
आजकल लोग बेड पर बैठकर या सोफे पर टीवी देखते हुए खाना खाते हैं, जो सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक है.
- जमीन पर बैठकर खाएं: सबसे सही स्थान जमीन है. जमीन पर सुखासन बैठने से हमारा पाचन तंत्र तुरंत एक्टिव (Vastu Tips For Eating Food) हो जाता है. जब हम निवाला उठाने के लिए थोड़ा आगे झुकते हैं और फिर सीधे होते हैं, तो पेट की मांसपेशियां काम करती हैं, जिससे खाना जल्दी पचता है.
- बेड या सोफे से दूरी बनाएं: बिस्तर या बेड पर बैठकर खाना खाने से अन्न का अनादर होता है और घर में दरिद्रता आती है. वैज्ञानिक नजरिए से देखें तो बेड पर बैठने से रीढ़ की हड्डी सीधी नहीं रहती, जिससे पाचन ठीक से नहीं हो पाता.
- शांत माहौल हो: जहां बहुत ज्यादा शोर-शराबा हो या गंदगी हो, वहां बैठकर भोजन नहीं करना चाहिए. साफ-सुथरी और शांत जगह पर बैठकर खाने से मन खुश रहता है.
Vastu Tips For Eating Food: खाना खाने का सही तरीका क्या है?
दिशा और स्थान के साथ-साथ खाना खाने के तौर-तरीकों को सुधारना भी जरूरी है:
- हाथ-पैर धोकर बैठें: भोजन करने से पहले हाथ, मुंह और पैरों को अच्छे से धो लें. गीले पैरों के साथ भोजन करना स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा माना जाता है क्योंकि इससे शरीर का तापमान संतुलित रहता है.
- चबा-चबाकर खाएं: हमारे बुजुर्ग हमेशा कहते थे कि खाने को इतना चबाओ कि वह मुंह में ही पानी बन जाए. इससे पेट को ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती और गैस या एसिडिटी की समस्या नहीं होती.
- गैजेट्स से दूरी: खाना खाते समय मोबाइल, टीवी या लैपटॉप पूरी तरह बंद कर दें. जब आपका ध्यान स्क्रीन पर होता है, तो दिमाग पेट को तृप्ति का सिग्नल नहीं भेज पाता, जिससे लोग जरूरत से ज्यादा खा लेते हैं.
- भोजन के तुरंत बाद पानी न पिएं: खाना खाने के तुरंत पहले या तुरंत बाद बहुत ज्यादा पानी न पिएं. यह हमारी ‘जठराग्नि’ (पाचन की आग) को शांत कर देता है, जिससे खाना पचने के बजाय पेट में सड़ने लगता है. भोजन के कम से कम 45 मिनट बाद पानी पिएं.
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