Mysore Pak समेत ये मिठाइयां हुई दुनिया के बेस्ट स्वीट्स की लिस्ट में शुमार, खाते ही हो जाएंगे इसके फैन

Mysore pak named among worlds best street foods:मैसूर पाक को सूची में 14वें सर्वश्रेष्ठ स्ट्रीट फूड के रूप में स्थान दिया गया है और फालूदा और कुल्फी फालूदा अन्य भारतीय मिठाइयां हैं जो सूची में हैं.टेस्ट एटलस एक खाद्य-आधारित पत्रिका है जो दुनिया भर के स्ट्रीट फूड पर विस्तृत समीक्षा और जानकारी देती है

Mysore Pak   प्रसिद्ध और स्वादिष्ट मैसूर पाक को टेस्ट एटलस द्वारा दुनिया की सर्वश्रेष्ठ स्ट्रीट फूड मिठाइयों की सूची में नामित किया गया है. मैसूर पाक को सूची में 14वें सर्वश्रेष्ठ स्ट्रीट फूड के रूप में स्थान दिया गया है और फालूदा और कुल्फी फालूदा अन्य भारतीय मिठाइयाँ हैं जो सूची में हैं. टेस्ट एटलस एक खाद्य-आधारित पत्रिका है जो दुनिया भर के स्ट्रीट फूड पर विस्तृत समीक्षा और जानकारी देती है.

टेस्ट एटलस ने इंस्टाग्राम पर एक लिस्ट शेयर की है जिसमें मैसूर पाक को 14 वें स्थान पर रैंक किया है. वहीं, कुल्फी और कुल्फी फालूदा को 18वें और 32वें नंबर पर स्थान दिया गया है. बता दें कि कुल्फी और कुल्फी फालूदा को इससे पहले बेस्ट फ्रोजन डेजर्टे के रैंकिंग में भी शामिल किया गया था. सर्वश्रेष्ट मिठाइयों की रैंकिंग में पहला रैंक पाने वाली पुर्तगाल का पेस्टल डी नाटा है. फिर इंडोनेशिया की सोराबी मिठाई, तीसरे पर तुर्की का डोंडुरमा और चौथे एवं पांचवें स्थान पर साउथ कोरिया की होट्टेओक और थाईलैंड की पा थोंग मिठाई है. इन मिठाइयों ने टॉप फाइव मिठाइयों के स्थान पर शामिल किया गया है.

मैसूर पाक बनाने के लिए सामग्री

बेसन – 1 कप
देसी घी – 1 कप
तेल – 1/2 कप
चीनी – 2 कप (स्वादानुसार)

मैसूर पाक बनाने की विधि

स्वादिष्ट मिठाई मैसूर पाक बनाने के लिए सबसे पहले एक बर्तन में बेसन को छान लें. अब एक कड़ाही में देसी घी और तेल डालकर मीडियम आंच पर गर्म करें जब तक घी पिघल न जाए. इसके बाद गैस बंद कर दें. अब चाशनी बनाने के लिए एक बर्तन में चीनी और आधा कप पानी डालकर मध्यम आंच पर गर्म करें. इस दौरान चाशनी को लगातार चलाते हुए कम से कम 5 मिनट तक पकने दें. इसके बाद गैस धीमी करें और चाशनी में लगभग एक चौथाई कप बेसन डालकर मिक्स करें.

अब बेसन को तब तक चलाते रहें जब तक कि चाशनी के साथ अच्छी तरह से मिक्स न हो जाए और बेसन की सारी गांठे खत्म न हो जाएं. इसी तरह दो-तीन बार में सारा बेसन चाशनी में डाल दें और पूर्व की तरह ही चम्मच से लगातार चलाते हुए पकने दें. मिश्रण को 2-3 मिनट तक पकाने के बाद इसमें गर्म किया 1 टेबलस्पून घी-तेल का मिश्रण लें और बेसन-चीनी के मिश्रण में डालें और तब तक चलाते रहें जब तक कि सारा तेल-घी मिश्रण में एब्जॉर्ब न हो जाए.

इसी तरह चार-पांच बार प्रक्रिया को अपनाते हुए सारा तेल बेसन के मिश्रण में डालकर मिला दें. जब तेल-घी का सारा मिश्रण बेसन-चीनी में मिल जाएगा तो मिश्रण झागदार हो जाएगा. अब एक थाली या ट्रे लें और उसके तले पर थोड़ा सा घी लगाकर चिकना कर लें. अब तैयार बेसन के मिश्रण को ट्रे में डालकर समान अनुपात में चारों ओर फैला दें. अब मिश्रण को 10 मिनट ठंडा होने दें. इसके बाद चाकू की मदद से इसके टुकड़े काट लें. टेस्टी मैसूर पाक बनकर तैयार हो चुका है. इसे पूरी तरह से ठंडा होने के बाद सर्व कर सकते हैं.

ऐसे अस्तित्व में आया मैसूर पाक

कहते हैं कि मैसूर घराने के राजा कृष्ण राज के लिए उनके शाही बावर्ची मडप्पा ने दोपहर के भोजन की सारी तैयारी राजशाही तरीके से कर ली थी, लेकिन राजा के समक्ष जो थाली प्रस्तुत की गई उसमें एक जगह मिठाई के लिए खाली रह गयी थी.राजा के भोजन समाप्त करने से पहले ही मडप्पा ने बेसन और चीनी के घोल से झटपट एक मिश्रण तैयार किया और संकोच के साथ राजा के सामने प्रस्तुत कर दिया.जब राजा ने इसका स्वाद चखा तो उन्हें इसका स्वाद बहुत पसंद आया, क्योंकि ये इतना नरम था कि मुंह में जाते ही घुल गया.राजा ने मडप्पा से इस मिठाई का नाम पूछा.चूंकि मडप्पा ने पहले कभी ये मिठाई नहीं बनाई थी और कन्नड़ में मिठाई को पाक कहा जाता है.इसलिए मडप्पा ने जल्दबाजी में इसका नाम ‘मैसूर पाक’ रख दिया.मैसूर के राजा को मैसूर पाक इतना पसंद आया कि उन्होंने महल के बाहर दुकान स्थापित करवाने का फैसला किया, जिससे कि आम लोग भी इसका स्वाद चख सकें.

कर्नाटक के प्रसिद्ध व्यंजनों की सूची

डोसा – कर्नाटक के व्यंजन

डोसा न केवल कर्नाटक में लोकप्रिय है, बल्कि पूरे भारत में एक प्रसिद्ध व्यंजन है. डोसा चावल और काले चने के किण्वित घोल से तैयार किया जाने वाला पैनकेक है, जिसे सांबर और नारियल की चटनी के साथ परोसा जाता है. डोसा की कई किस्में हैं. दावणगेरे बेन्ने डोसा बड़ी मात्रा में मक्खन से तैयार किया जाता है, मैसूर मसाला डोसा मसालेदार आलू के भरावन से तैयार किया जाता है, सेट डोसा रागी और रवा से तैयार किया जाता है, और नीरडोसा भीगे हुए चावल से तैयार किया जाता है.

कोरी गस्सी – कर्नाटक के व्यंजन

कोरी गस्सी एक चिकन करी है जिसे मसाले, इमली और पिसे हुए ताजे नारियल के साथ पकाया जाता है. इसे नीर डोसा या रोटी के साथ परोसा जाता है. यह व्यंजन कर्नाटक के तटीय क्षेत्र से निकला है और ज्यादातर मैंगलोर में खाया जाता है.

कुंडापुरा कोली सारू – कर्नाटक के व्यंजन

कुंडापुरा कोली सारू एक चिकन करी है जिसे प्याज, अदरक, लहसुन और सुगंधित मसालों के साथ पकाया जाता है. इस व्यंजन को नीर डोसा, चावल या रोटी के साथ परोसा जाता है.

अल्लुगेद्दा – कर्नाटक के व्यंजन

अल्लुगेद्दा मैश किए हुए आलू, टमाटर, काले चने और प्याज से तैयार कर्नाटक का एक प्रसिद्ध व्यंजन है. अल्लुगेड्डा को डोसा या चावल के साथ परोसा जाता है. इसे नाश्ते के रूप में चाय या कॉफी के साथ भी परोसा जा सकता है.

कूर्ग पांडी करी – कर्नाटक के व्यंजन

कूर्ग पांडी करी एक लोकप्रिय मांसाहारी व्यंजन है जिसे मसालों और कूर्ग सिरके (कचुमपुली से तैयार) से तैयार किया जाता है. इस व्यंजन को चावल के गोले या अक्की रोटी के साथ परोसा जाता है.

बीसी बेले भात

बीसी बेले भात कर्नाटक का प्रसिद्ध व्यंजन है जो मिश्रित चावल, दाल, सब्जियों और मसालों के मिश्रण से तैयार किया जाता है. इसे घी, आलू के चिप्स या बूंदी के साथ परोसा जाता है.

रवा केसरी

रवा केसरी सूजी, घी, सूखे मेवे और केसर से तैयार किया जाने वाला मीठा व्यंजन है. रवा केसरी के अन्य रूप हैं अनानास, केला, आदि.

केन रवा फ्राई

केन रवा फ्राई कर्नाटक का प्रामाणिक व्यंजन है जिसे लाल मिर्च के पेस्ट में डूबी हुई भिंडी से तैयार किया जाता है, फिर सूजी के साथ लेपित किया जाता है और फिर इसे तला जाता है. यह व्यंजन तटीय व्यंजन है और मछली-प्रेमियों के बीच प्रसिद्ध है.

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लेखक के बारे में

Author: Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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