Managing Heavy Periods: पीरियड्स महिलाओं के स्वास्थ्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, लेकिन जब इसमें सामान्य से अधिक ब्लीडिंग होने लगे तो यह चिंता का कारण बन सकता है. गायनोकॉलजिस्ट पूजा रानी के अनुसार, हेवी फ्लो केवल असुविधा ही नहीं बढ़ाता बल्कि शरीर में खून की कमी और कमजोरी भी ला सकता है. कई बार हार्मोनल बदलाव, तनाव या किसी स्वास्थ्य समस्या के कारण ऐसा होता है. इसलिए इसे नजरअंदाज करने के बजाय समय पर सही देखभाल और जानकारी बहुत जरूरी है, ताकि महिला स्वस्थ और सुरक्षित रह सके.
हेवी फ्लो के लक्षण
हर 1–2 घंटे में पैड या टैम्पोन बदलने की जरूरत पड़ना. 7 दिनों से ज्यादा समय तक पीरियड्स चलना. बड़े-बड़े ब्लड क्लॉट्स आना. बहुत ज्यादा कमजोरी या चक्कर महसूस होना. अगर आपको अपने पीरियड्स के दिनों में ये सारी चीजें झेलनी पद रही है तो ये हेवी फ्लो के लक्षण है.
हेवी ब्लीडिंग होने पर क्या करें?
1. शरीर को हाइड्रेट रखें
ज्यादा ब्लीडिंग के दौरान शरीर में पानी की कमी हो सकती है. इसलिए पानी, नारियल पानी और जूस का सेवन बढ़ाएं.
2. आयरन युक्त आहार लें
खून की कमी से बचने के लिए हरी सब्जियां, गुड़, अनार, चुकंदर और दालें जरूर खाएं.
3. आराम करना जरूरी
इस समय शरीर को आराम की जरूरत होती है. ज्यादा भागदौड़ या भारी काम करने से बचें.
4. गर्म पानी से सिकाई
पेट में दर्द या ऐंठन हो तो हल्की गर्म सिकाई से राहत मिल सकती है.
5. साफ-सफाई का ध्यान रखें
हर 4–5 घंटे में पैड बदलें और हाइजीन बनाए रखें, ताकि इंफेक्शन का खतरा न हो.
कब डॉक्टर से संपर्क करें?
अगर आपको लगे लगातार हर महीने बहुत ज्यादा ब्लीडिंग हो रही है. बहुत ज्यादा कमजोरी या चक्कर आए, पीरियड्स अनियमित हो जाएं, अचानक ब्लीडिंग का पैटर्न बदल जाए तो ऐसी स्थिति में तुरंत गायनोकॉलजिस्ट से सलाह लेना जरूरी है.
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