Janmashtami Vastu Tips: वास्तु शास्त्र का महत्व हमारे जीवन में काफी गहरा बताया गया है. कहा जाता है अगर किसी भी कार्य को करने से पहले या फिर करने के दौरान इसमें बताए गए नियमों का पालन सही से किया जाए, तो जीवन में कई तरह के पॉजिटिव बदलाव आने लगते हैं. वहीं, अगर इन नियमों को अनदेखा किया जाए तो एक के बाद एक करके परेशानियां भी बढ़ सकती हैं. हमारे इसी वास्तु शास्त्र में जन्माष्टमी को लेकर भी कुछ बहुत ही खास नियम बताए गए हैं.
जन्माष्टमी का त्योहार भगवान कृष्ण के जन्मदिन के रूप में पूरे देश में बहुत ही खुशी और उत्साह से मनाया जाता है और पुरानी मान्यताओं के अनुसार अगर आप इस दिन घर में कुछ बेहद ही सिंपल से नियमों का पालन कर लेते हैं या फिर बदलाव करते हैं, तो घर से नेगेटिव एनर्जी पूरी तरह से बाहर निकल जाती है और साथ ही खुशियां बढ़ने लगती हैं. इसके अलावा जन्माष्टमी के दिन इन कामों को कर लेने से आपके घर के सारे वास्तु दोष खत्म भी हो जाते हैं और मां लक्ष्मी का आशीर्वाद आपको मिलना शुरू हो जाता है. आज इस आर्टिकल में हम आपको इन्हीं उपायों के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं ताकि आप भी इनका फायदा इस जन्माष्टमी उठा सकें.
घर के मेन गेट पर बनाएं स्वास्तिक और लगाएं तोरण
हमारे वास्तु शास्त्र में घर के मेन गेट को सबसे जरूरी हिस्सों में से एक माना गया है. ऐसा इसलिए क्योंकि आपके घर के अंदर सारी अच्छी और पॉजिटिव एनर्जी यहीं से अंदर आती है. जन्माष्टमी के खास दिन पर सुबह-सुबह सबसे पहले अपने मेन गेट को अच्छी तरह से साफ कर लें. इसके बाद दरवाजे पर आम या अशोक के पत्तों की माला यानी कि तोरण या वंदनवार लटका दें. इसके अलावा मेन गेट पर हल्दी या फिर सिंदूर से दोनों ही तरफ स्वास्तिक का शुभ चिन्ह बनाएं. आपके ऐसा करने से घर में किसी भी तरह की बुरी नजर या नेगेटिव एनर्जी अंदर नहीं आ पाती और परिवार में शांति रहती है.
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उत्तर-पूर्व दिशा में रखें बाल गोपाल की मूर्ति
घर की उत्तर-पूर्व दिशा को ही ईशान कोण भी कहा जाता है और इसे ही भगवान का स्थान भी माना गया है. जन्माष्टमी के दिन भगवान श्रीकृष्ण यानी कि लड्डू गोपाल की मूर्ति या फिर फोटो को इस दिशा में रखना बहुत ही शुभ माना जाता है. आपको सिर्फ इस बात का ख्याल रखना है कि जिस जगह पर आप पूजा कर रहे हैं, वह एकदम ही साफ-सुथरी होनी चाहिए और यहां पर लाइटिंग भी अच्छी होनी चाहिए. अगर आप लड्डू गोपाल को झूले में बैठाने की सोच रहे हैं, तो इस झूले को इस तरह से रखें कि झूला झुलाते समय आपका मुंह पूर्व या फिर उत्तर दिशा की तरफ ही हो. ऐसा करने से आपका स्ट्रेस कम होता है और साथ ही पूरे घर में पॉजिटिव एनर्जी भी बढ़ जाती है.
घर में लाएं बांसुरी और वैजयंती माला
भगवान श्रीकृष्ण को बांसुरी बहुत ही ज्यादा पसंद है. वास्तु शास्त्र और कई मान्यताओं के अनुसार बांसुरी घर के माहौल को हल्का बनाती है और लगातार हो रहे लड़ाई-झगड़े और स्ट्रेस को भी दूर करने में मदद करती है. जन्माष्टमी के दिन एक लकड़ी या फिर बांस की नई और छोटी सी बांसुरी जरूर खरीदकर अपने घर लाएं और उसे बाल गोपाल के चरणों में रख दें. जब जन्माष्टमी की पूजा खत्म हो जाए तो इस बांसुरी को अपने घर के हॉल या फिर मंदिर में सजाकर रख दें. इसके अलावा, जन्माष्टमी पर वैजयंती माला घर लाना भी बहुत शुभ होता है. इससे घर में पैसों की तंगी दूर होती है और तरक्की के नए रास्ते खुलते हैं.
कामधेनु गाय और बछड़े की छोटी सी मूर्ति रखें
हमारे वास्तु शास्त्र में कामधेनु गाय को सुख-समृद्धि और सभी इच्छाओं को पूरा करने वाला माना गया है. जन्माष्टमी के दिन पीतल या मिट्टी से बनी कामधेनु गाय और उसके छोटे से बछड़े की मूर्ति अपने घर लाएं. इसके बाद इसे घर की उत्तर-पूर्व या पूर्व दिशा में रखें. ऐसा करने से घर के बच्चों का मन पढ़ाई में अच्छे से लगता है, परिवार में खुशहाली आती है और घर में कभी भी धन-धान्य की कमी नहीं होती.
माखन-मिश्री का भोग लगाएं और तुलसी के पौधे की पूजा करें
मान्यताओं के अनुसार लड्डू गोपाल को माखन और मिश्री का भोग बहुत ही ज्यादा पसंद होता है. यह एक बड़ी वजह है कि आप जन्माष्टमी की पूजा में उन्हें घर का बना फ्रेश माखन और मिश्री का भोग जरूर लगाएं. एक बात हमेशा याद रखें कि कान्हा जी के भोग में तुलसी का पत्ता जरूर रखें, क्योंकि तुलसी के बिना श्रीकृष्ण भोग स्वीकार नहीं करते. इसके अलावा, जन्माष्टमी की शाम को घर में लगे तुलसी के पौधे के पास देसी घी का एक दीपक जलाएं और पौधे की परिक्रमा करें. ऐसा करने से घर का वातावरण शांत होता है और घर में सुख-समृद्धि बढ़ती है.
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