How to prevent potting soil from drying out: रोजमर्रा की जिंदगी में कई ऐसी छोटी-छोटी परेशानियां होती हैं, जिनका आसान हल अक्सर हमारे आसपास ही मौजूद होता है. काम की बात सीरीज में हम ऐसी ही काम की और रोजमर्रा से जुड़ी बातों को आसान भाषा में समझते हैं, ताकि छोटी-सी परेशानी के लिए ज्यादा मेहनत न करनी पड़े.
आज इसी सीरीज में बात करेंगे गमले में लगे पौधे की मिट्टी बार-बार सूखने की समस्या (How to prevent potting soil from drying out) के बारे में. पानी देने के कुछ ही समय बाद अगर मिट्टी सूखी नजर आने लगे, तो बार-बार पानी डालना इसका सही हल नहीं है. कुछ आसान तरीकों से मिट्टी में नमी को ज्यादा देर तक बनाए रखने में मदद मिल सकती है.
सबसे पहले मिट्टी की जांच करें (How to prevent potting soil from drying out)
मिट्टी बार-बार सूख रही है तो सबसे पहले यह देखें कि गमले में किस तरह की मिट्टी इस्तेमाल हुई है. बहुत ज्यादा रेतीली या ढीली मिट्टी पानी को लंबे समय तक रोक नहीं पाती.
ऐसी स्थिति में मिट्टी में जैविक खाद या अच्छी तरह तैयार कंपोस्ट मिलाई जा सकती है. इससे मिट्टी की संरचना बेहतर होती है और उसमें नमी बनाए रखने में मदद मिल सकती है.
ऊपर सूखी मिट्टी देखकर तुरंत पानी न डालें
कई बार गमले की मिट्टी ऊपर से सूखी दिखाई देती है, लेकिन अंदर से उसमें पर्याप्त नमी होती है. इसलिए केवल ऊपरी सतह देखकर पानी डालने की आदत न बनाएं. अपनी उंगली से करीब एक-दो इंच नीचे की मिट्टी को हल्का छूकर देखें. अगर नीचे की मिट्टी भी सूखी महसूस हो, तभी पौधे को पानी देने की जरूरत हो सकती है.
मिट्टी के ऊपर मल्च की परत बिछाएं
गमले की मिट्टी जल्दी सूखने से बचाने के लिए उसके ऊपर सूखे पत्तों, नारियल के छिलके के छोटे टुकड़ों या दूसरे उपयुक्त जैविक पदार्थों की हल्की परत बिछाई जा सकती है. इसे मल्चिंग कहा जाता है. यह मिट्टी की सतह से पानी के बहुत जल्दी उड़ने को कम करने में मदद करती है. ध्यान रखें कि मल्च को पौधे के तने से बिल्कुल चिपकाकर न रखें.
गमले को सही जगह रखें
अगर गमला पूरे दिन तेज धूप में रखा है, तो मिट्टी जल्दी सूख सकती है. पौधे की जरूरत के हिसाब से उसे ऐसी जगह रखना बेहतर होता है, जहां उसे पर्याप्त रोशनी मिले लेकिन बहुत तेज गर्मी में लगातार धूप (How to prevent potting soil from drying out) न पड़े. हालांकि हर पौधे की रोशनी की जरूरत अलग होती है, इसलिए पौधे की प्रजाति के अनुसार जगह चुनें.
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पानी देने का तरीका भी बदलें
पौधे को रोज थोड़ा-थोड़ा पानी देने के बजाय जरूरत के अनुसार अच्छी तरह पानी देना ज्यादा उपयोगी हो सकता है. पानी इतनी मात्रा में दें कि गमले के नीचे बने ड्रेनेज होल से थोड़ा पानी बाहर निकल आए. इससे मिट्टी के अंदर तक नमी पहुंचने में मदद मिलती है. इसके बाद अगली बार पानी तभी दें, जब मिट्टी की नमी देखकर जरूरत महसूस हो.
गमले के ड्रेनेज होल जरूर देखें
मिट्टी जल्दी सूख रही है तो केवल पानी की मात्रा बढ़ाना समाधान नहीं है. गमले के नीचे बने छेद बंद तो नहीं हैं, यह भी जांचें. सही ड्रेनेज जरूरी है, ताकि अतिरिक्त पानी बाहर निकल सके. अगर गमले में पानी जमा रहता है, तो जड़ों को नुकसान पहुंच सकता है.
पौधे की जरूरत समझना जरूरी
हर पौधे को एक जैसी मात्रा में पानी की जरूरत नहीं होती. कुछ पौधे कम पानी में भी अच्छी तरह बढ़ते हैं, जबकि कुछ को ज्यादा नमी चाहिए. इसलिए पौधे की किस्म, मौसम, गमले का आकार और मिट्टी की स्थिति देखकर पानी देने की आदत बनाएं. इससे न तो मिट्टी जरूरत से ज्यादा सूखेगी और न ही पौधे को बेवजह ज्यादा पानी मिलेगा.
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