Parenting Tips: क्या आपके घर में भी सुबह का माहौल बिल्कुल एक जंग के मैदान जैसा बन जाता है? घड़ी की सुइयां तेजी से भाग रही होती हैं, बच्चों का टिफिन पैक करना होता है क्योंकि जल्द ही उनकी स्कूल बस आने वाली होती है, लेकिन आपका बच्चा इस समय भी आराम से चादर ओढ़कर मजे से सो रहा होता है. ऐसे में जब बच्चा एक या दो बार बुलाने पर भी नहीं उठता है, तो आपका गुस्सा शांत नहीं रह पाता है और आप उस पर चिल्लाने लग जाते हैं.
अगर आपके साथ भी हर दिन ऐसा ही हो रहा है, तो यह आपकी अकेले की परेशानी नहीं है. आजकल लगभग हर पैरेंट्स के लिए ही अपने बच्चों को सुबह समय पर उठाना एक बहुत बड़ी टेंशन बन गया है. सुबह के समय इस चिल्लाने और झगड़े की वजह से पैरेंट्स के साथ-साथ बच्चों का मूड भी पूरे दिन खराब रहता है. अगर आप सुबह के इस स्ट्रेस को प्यार और समझदारी से खत्म करना चाहते हैं, तो गुस्सा करने के बजाय ये 5 बहुत ही आसान और काम के तरीके अपनाकर देख सकते हैं. आज इस आर्टिकल में हम आपको इन्हीं तरीकों के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं.
रात को सही समय पर सोने की आदत बनाएं
आपका बच्चा सुबह खुशी-खुशी तभी उठ पाएगा जब रात को उसकी नींद अच्छे से पूरी होगी. अगर वह रात को देर तक टीवी देखेगा, गेम्स खेलता रहेगा या फिर मोबाइल चलाता रहेगा, तो जाहिर सी बात है कि अगली सुबह उसकी आंख आसानी से नहीं खुलेगी. अगर आप चाहते हैं कि बच्चा सुबह अपने सही समय पर सोकर उठ जाए, तो सबसे पहले उसके सोने का एक फिक्स टाइम सेट करें. इसके अलावा, रात को सोने से कम से कम 1 घंटा पहले मोबाइल और टीवी पूरी तरह बंद कर दें ताकि उसका दिमाग शांत हो सके और उसे अच्छी नींद आए.
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सुबह की शुरुआत प्यार और लाइट म्यूजिक से करें
जब आप अचानक चिल्लाकर, गुस्सा करके या फिर कंबल खींचकर बच्चे को उठाने की कोशिश करते हैं, तो वह चिड़चिड़ा हो जाता है. ऐसा न हो इसलिए सबसे पहले उसके कमरे का दरवाजा खोलें, पर्दे हटाकर सुबह की धूप अंदर आने दें और उसके पास बैठकर प्यार से सहलाएं. आप बैकग्राउंड में उसका कोई फेवरेट गाना या लाइट म्यूजिक भी बजा सकते हैं. प्यार से जगाने पर बच्चा मुस्कुराते हुए उठता है और उसका मूड भी अच्छा रहता है.
सुबह-सुबह बच्चे को खुद चुनने का ऑप्शन दें
जब आप सुबह के समय अपने बच्चे को कुछ चीजों का फैसला खुद लेने का मौका देते हैं, तो उसे ऐसा लगता है कि उसकी भी कोई वैल्यू है. सुबह उठते ही उस पर ऑर्डर चलाने के बजाय उससे पूछें कि "तुम पहले ब्रश करोगे या नाश्ता?" या फिर "आज स्कूल बैग में कौन सी बोतल रखनी है?" ऐसे छोटे-छोटे ऑप्शन देने से बच्चे का ध्यान अपने आलस से हट जाता है और वह काम में बिजी हो जाता है.
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सुबह के कामों को एक मजेदार गेम बना दें
आपको शायद यह बात मालूम न हो, लेकिन छोटे बच्चों को अपना हर एक काम खेल-खेल में करना ज्यादा अच्छा लगता है. अगर आपका बच्चा सुबह सोकर उठने में नखरे कर रहा है, तो उससे कहें कि "चलो देखते हैं कौन 10 तक गिनती खत्म होने से पहले बिस्तर से बाहर आता है." या "आज देखते हैं कौन सबसे पहले तैयार होता है." इस तरह के छोटे-छोटे और मजेदार गेम्स की वजह से आपका बच्चा बिना कोई नखरा किए तुरंत ही बिस्तर छोड़ देता है और अपने कामों को करने में लग जाता है.
बच्चे को अपनी जिम्मेदारी खुद लेना सिखाएं
अगर आपका बच्चा सुबह सोकर उठने में नखरे करता है, तो उसे इस बात का एहसास कराना शुरू कर दें कि समय पर उठना उसकी अपनी ड्यूटी है. अपने बच्चे के लिए एक बढ़िया सा अलार्म क्लॉक खरीदें और उसे उसमें अलार्म सेट करना भी सिखा दें. सुबह के समय जब अलार्म बजे, तो उसे खुद ही बिस्तर से उठने का मौका दें. अगर वह समय पर उठ जाता है, तो उसकी तारीफ जरूर करें. इससे उसका कॉन्फिडेंस बढ़ेगा और वह आपकी मदद के बिना खुद उठना सीख जाएगा.
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