Chhath Puja 2022 Nahay Khay Recipe: नहाय खाए के साथ छठ पर्व शुरू, जानें कद्दू-भात का प्रसाद बनाने की विधि

Chhath Puja 2022 Nahay Khay Prasad Kaddu Ki Sabji Recipe: इस साल छठ व्रत की शुरुआत आज 28 अक्टूबर 2022 से हो रही है छठ पूजा के पहले दिन नहाय खाय में चना दाल, कद्दू की सब्जी और चावल का प्रसाद ग्रहण किया जाता है. ऐसे में आइए जानते हैं प्रसाद के लिए कैसे बनाएं कद्दू की सब्जी

Chhath Puja 2022 Nahay Khay Prasad Kaddu Ki Sabji Recipe: आज से छठ महापर्व की शुरूआत हो चुकी है. इस पर्व की शुरुआत नहाए-खाए यानी कि छठ पूजा के पहले दिन से होती है और आखिरी दिन सूर्य को अर्क दिया जाता है. इस साल छठ व्रत की शुरुआत 28 अक्टूबर 2022 से हो रही है, जो सोमवार 31 अक्टबूर 2022 को खत्म होगा. छठ पूजा के पहले दिन नहाय खाय में चना दाल, कद्दू की सब्जी और चावल का प्रसाद ग्रहण किया जाता है. ऐसे में आइए जानते हैं प्रसाद के लिए कैसे बनाएं कद्दू की सब्जी

कद्दू की सब्जी बनाने के लिए सामग्री

पीला कद्दू- 1/2 किलो

अदरक पेस्ट- 1 टी स्पून

लाल मिर्च पाउडर- 1/2 टी स्पून

धनिया पाउडर- 1 टी स्पून

अमचूर-1/2 टी स्पून

हींग- 1 चुटकी

हरा धनिया कटा- 2-3 टेबलस्पून

चीनी-2 टी स्पून

मेथी दाना- 1/2 टी स्पून

हरी मिर्च- 2-3

हल्दी- 1/4 टी स्पून

तेल- 2-3 टेबलस्पून

नमक- स्वादानुसार

कद्दू की सब्जी बनाने की विधि

छठ पूजा के पहले दिन यानी नहाए खाए के दिन कद्दू की सब्जी बनाई जाती है. इस सब्जी बनाने के लिए सबसे पहले कद्दू का ऊपरी मोटा छिलका छीलने के बाद कद्दू का नरम गूदा अलग निकालकर रख दें. अब बचे हुए कद्दू को अच्छे से धोकर उसके चौकोर टुकड़े कर लें.कड़ाही में तेल डालकर उसे मीडियम आंच पर गर्म करके उसमें मेथी दाना, हींग, अदरक का पेस्ट, हरी मिर्च, हल्दी, धनिया पाउडर डालकर सारे मसालों को अच्छी तरह भून लें. मसाला अच्छी तरह भुन जाने के बाद उसमें कद्दू के टुकड़े डालकर मसाले के साथ कद्दू को अच्छी तरह मिलाते हुए 2-3 मिनट तक लगातार चलाते हुए पकाएं.

ऐसे बनाएं चने की दाल

चने की दाल बनाने के लिए सामग्री- चने की दाल- 250 ग्राम धी- एक टेबलस्पून जीरा- एक चम्मच सेंधा नमक- स्वादानुसार सूखी लाल मिर्च (ऑप्शनल) लौंग (ऑप्शनल) काली मिर्च (ऑप्शनल)

दाल बनाने की विधि

छठ पूजा के नहाए खाए में सभी सब्जी बिना लहसुन प्याज के बननी है तो आप चने की दालबनाने से पहले एक बार कुकर में सीटी दे के पका लें. इससे दाल गल जाएगी और फिर बाद में इसे घी और जीरा के साथ छोंक दें. आप चाहें तो घी में जीरा के साथ सूखी लाल मिर्च और लौंग का इस्तेमाल भी कर सकती हैं.

वर्षों से चली आ रही है कद्दू भात खाने की परंपरा

इस दिन व्रत रखने वाली महिलाएं स्नान आदि करके नए वस्त्र पहनती हैं और शाम को कद्दू (लौकी) और भात का प्रसाद बनाती हैं. इस प्रसाद को खाने के बाद ही छठ व्रत शुरू होती है. पेट, मन, वचन और आत्मा की शुद्धि के लिए छठ व्रतियों और पूरे परिवार के कद्दू भात खाने की परंपरा वर्षों से चली आ रही है.

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लेखक के बारे में

By Shaurya punj

मैं धर्म, ज्योतिष और आध्यात्मिक विषयों पर लेखन में विशेषज्ञता रखता हूं. हस्तरेखा शास्त्र, राशिफल, ग्रह-नक्षत्र, धार्मिक परंपराओं और पौराणिक कथाओं से जुड़े विषयों पर मेरी विशेष रुचि और गहरी समझ है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. धर्म और ज्योतिष के अलावा एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी लगातार लेखन करता रहा हूं. मेरी कोशिश रहती है कि जटिल विषयों को आसान, रोचक और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाया जाए.

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