गर्भवती महिलाएं को बरतनी होंगी ये सावधानियां (Chandra Grahan Precautions During Pregnancy)
धर्म शास्त्रों के अनुसार सूतक (Sutak Kaal) चंद्रग्रहण के 9 घंटे पहले लग जाता है. लेकिन, क्योंकि यह ग्रहण एक उपछाया चंद्रग्रहण है. ऐसे में इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा. हिंदू धर्म में इसका विशेष महत्व नहीं होता है. फिर भी गर्भवती महिलाओं को निम्नलिखित सावधानियां बरतनी चाहिए…
ग्रहण के दौरान खासकर गर्भवती महिलाओं को घर से बाहर निकलना वर्जित होता है.
ऐसी मान्यता है कि इस दौरान यदि व ग्रहण देख लेंगी तो इसका सीधा और नकारात्मक असर बच्चे के शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ सकता है.
गर्भवती महिलाओं को इस दौरान अपने पास नुकीली चीजें रखनी चाहिए. इसके लिए वे चाकू, कैंची, सुई आदि का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. ऐसी मान्यता है कि इससे शिशु व गर्भवती महिला की दोनों पर ग्रहण का काला साया नहीं पड़ता है.
हालांकि, नुकीली चीजें रखने समय यह ध्यान देना जरूरी है कि इससे शरीर के किसी अंग को हानि न पहुंचे.
ग्रहण के दौरान बचा हुआ खाना भी नहीं खाना चाहिए. ऐसी मान्यता है कि ग्रहण की हानिकारक किरणों से भोजन दूषित हो जाता है.
ऐसे में ग्रहण से पूर्व बचे हुए खाने में तुलसी पत्ता डालकर खाना न भूलें. हिंदू धर्म में तुलसी पत्ते का विशेष महत्व होता है. माना जाता है कि तुलसी पत्तों को डालने से भोजन शुद्ध हो जाता है.
धार्मिक मामलों के जानकारों की माने तो ग्रहण के दौरान उसके नकारात्मक प्रभावों से बचने के लिए तुलसी के पत्ते को जीभ में रखकर दुर्गा पाठ या हनुमान चालीसा जरूर पढें. इससे हानिकारक या फिर बुरी शक्तियां आसपास नहीं भटकती है.
त्वचा संबंधी रोग ना हो या ग्रहण के दुष्प्रभाव को हटाने के लिए गर्भवती महिलाएं चंद्रग्रहण के बाद स्नान करना न भूलें.
बच्चे का जन्म लाल चक्रों या धब्बे के साथ हो सकते है साथ ही साथ अन्य त्वचा संबंधी रोग भी संभव है.
Chandra Grahan Precautions: गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को भी बरतनी होंगी ये सावधानियां, जानें ग्रहण का सही समय व इससे जुड़े सभी टोटके